बरेली। आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता नवनीत अग्रवाल के राधेश्याम एन्क्लेव स्थित टावर पर शुक्रवार को बीडीए ने बुलडोजर चला दिया। इस दौरान नवनीत और बीडीए की टीम के बीच जमकर नोकझोंक और गाली-गलौज भी हुई। कंपाउंडिंग की रसीदें दिखाने के बाद बीडीए ने कार्रवाई रोकी। हालांकि यह भी साफ कर दिया कि मैप देखने के बाद तय होगा कि कंपाउंडिंग हो सकेगी या नहीं।
राधेश्याम एन्क्लेव के पिछले गेट पर सालों पहले चार मंजिला टावर बनाया गया था। बीडीए की ओर से इसे अवैध बताते हुए ध्वस्तीकरण के लिए कई नोटिस जारी किए गए थे। तब तो टावर ध्वस्त नहीं किया गया लेकिन शुक्रवार को बीडीए की टीम जेई रमन के नेतृत्व में कार्रवाई करने पहुंच गई। बुलडोजर से टावर के छज्जे गिराने शुरू कर दिए गए।
कार्रवाई आधा घंटे ही चली थी कि नवनीत अग्रवाल पहुंचे और कार्रवाई को रोकने की कोशिश की। इस दौरान उनकी बीडीए टीम से नोकझोंक के साथ जमकर गालीगलौज भी हुई। अपना टावर बचाने के लिए नवनीत अग्रवाल ने कई फोन किए। इसके बाद वर्ष 2019 में कंपाउंडिंग के लिए बीडीए में जमा किए गए पांच लाख रुपये की दो रसीदें टीम को दिखाईं। रसीदें देखकर बीडीए ने कार्रवाई रोक दी और उनसे बकाया कंपाउंडिंग शुल्क जमा कराने को कहा। नवनीत अग्रवाल के दस लाख रुपये के दो चेक देने के बाद टीम लौट गई।
इनसेट--
नवनीत बोले- मैं भाजपाई, महानगर
अध्यक्ष ने कहा, कोई लेनादेना नहीं
कारोबारी नवनीत अग्रवाल का कहना है कि वह भाजपा से जुड़े हैं। उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली है और भारत विकास परिषद के रुहेलखंड के पदाधिकारी भी हैं। पार्टी के कार्यक्रमों में भी वह हिस्सा लेते रहे हैं। दूसरी ओर, भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा ने कहा कि नवनीत अग्रवाल न भाजपा के नेता हैं और न कार्यकर्ता। वह विकास परिषद से जरूर जुड़े हैं लेकिन कार्यक्रमों में कभी शामिल नहीं हुए।
वर्जन---
भवन अवैध रूप से बनाया गया है, उसका नक्शा पास नहीं है। कंपाउंडिंग के लिए पहले नक्शे का परीक्षण किया जाएगा। मानकों के अनुरूप होने के बाद ही आगे निर्णय होगा। - आशु मित्तल, एक्सईएन बीडीए
वर्जन---
मेरे भवन निर्माण पर कार्रवाई के लिए कोई नोटिस नहीं किया गया। अचानक यहां बीडीए की टीम पहुंची। पहले भी उनके प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। टारगेट करके बीडीए कार्रवाई कर रहा है। कंपाउंडिंग फीस जमा कर दी है तो फिर भवन को रेगुलर किया जाए। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है तो मेरे भवन के आसपास तमाम भवन अवैध हैं उन्हें क्यों नहीं गिराया जा रहा। एकतरफा कार्रवाई हो रही है।
-- नवनीत अग्रवाल, आप के पूर्व नेता