बरेली। रिमझिम फुहारों के बीच रविवार शाम रजवी परचम लहराया और आला हजरत इमाम अहमद रजा खान फाजिले बरेलवी के 105वें उर्स का आगाज हो गया। दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) ने सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां, सय्यद आसिफ मियां व देश-दुनिया से आए उलमा की मौजूदगी में शाम को परचम कुशाई की रस्म अदा की। फातिहा के बाद खुसूसी दुआ की गई।
परचम कुशाई होते ही मजहबी नारे व आला हजरत की लिखी नात-ओ-मनकबत गूंजने लगी। परचम को इस्लामिया काॅलेज के मुख्य द्वार पर लगा दिया गया। तीन दिन तक चलने वाले इस उर्स में शामिल होने के लिए देश-विदेश से हजारों की संख्या में जायरीन भी पहुंच चुके हैंं।
इससे पहले आजम नगर स्थित हाजी अल्लाह बख्श के निवास पर फातिहाख्वानी की गई। लंगर के बाद परचमी जुलूस दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की कयादत में कुमार टाकीज, इंदिरा मार्केट होते हुए बिहारीपुर ढाल के रास्ते दरगाह पहुंचा। यहां सलामी देने के बाद जुलूस दरगाह प्रमुख हजरत सुब्हानी मियां की कयादत में वापस इस्लामिया मैदान पहुंचा। यहां हाजी गुलाम सुब्हानी व आसिम नूरी ने महफ़िल-ए-मीलाद पेश की।
रात में मुशायरे की महफिल सजी। रात 10:35 बजे आला हजरत के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम मुफ्ती हामिद रज़ा खान (हामिद मियां) के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने हामिद मियां के व्यक्तित्व पर रोशनी डाली। दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि सोमवार को सुबह छह बजे कुरानख्वानी होगी। 9:58 बजे रेहान-ए-मिल्लत व 10:30 बजे मुफस्सिर-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।
इसके बाद ‘आपसी सौहार्द’ कॉन्फ्रेंस होगी। दिन में कार्यक्रम व चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। रात में दुनियाभर के मशहूर उलमा की तकरीर होगी। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आज़म-ए-हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।