आरटीओ दफ्तर में सेटिंग कर निकलवाते थे कागज
वाहन चोरों ने बताया कि वे चोरी के वाहनों पर टोटल लॉस वाले एक्सीडेंटल वाहनों के इंजन, चेसिस नंबर खोदकर आरटीओ दफ्तर में सेटिंग कर उनके कागजात निकलवा लेते हैं। इन वाहनों को मणिपुर, राजस्थान, पंजाब, और उत्तराखंड जैसे राज्यों में मोटे दाम पर बेच देते हैं।
वहीं कई वाहनों का रजिस्ट्रेशन अपने नाम करवाने के बाद दोबारा बीमा करवाकर उन्हें कटवाकर बीमा कंपनी से क्लेम भी ले लेते हैं। पुराना शहर के कबाड़ी अनीस के जरिये वह इन चारों ट्रकों को कटवाकर बीमा कंपनी से क्लेम लेने की फिराक में थे। तभी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। वाहन चोरों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
100 से ज्यादा वाहनों को ठिकाने लगा चुका है गिरोह
सितारगंज निवासी गुड्डू वारसी अब तक सौ से अधिक वाहनों को चोरी कर मोटे दामों पर बेच चुका है। उस पर विभिन्न राज्यों में वाहन चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
आरटीओ दफ्तर में सेटिंग से बनते थे फर्जी कागज
वाहन चोरों ने बताया कि गिरोह के सरगना गुड्डू वारसी की कई राज्यों के जिलों में आरटीओ दफ्तरों में अच्छी सेटिंग है। चोरी के वाहनों पर चेसिस और इंजन नंबर बदलने के बाद वह आरटीओ दफ्तर में सांठगांठ कर उनके कागज बनवा लेता था। इन कागजों के जरिये वाहनों को बेच दिया जाता था या फिर दोबारा बीमा करवाकर उन्हें कटवा दिया जाता था और बीमा क्लेम की राशि हड़प ली जाती थी। पुलिस ठीक ढंग से जांच करे तो आरटीओ-एआरटीओ दफ्तर के कई जिम्मेदार व कर्मचारी भी शिकंजे में आ सकते हैं।
सीओ एसटीएफ अब्दुल कादिर ने बताया कि वाहन चोरों के इस रैकेट के तार उत्तराखंड निवासी गुड्डू वारसी से जुड़े हैं। गुड्डू ही इन्हें निर्देशित करता था। उसकी तलाश की जा रही है। जरूरत के हिसाब से सिविल पुलिस की भी मदद ली जाएगी।