बरेली। मिश्रित भवन (आवासीय और व्यावसायिक) का कर चार लाख रुपये जमा कर बिल शून्य कराया। इसके बाद कर विभाग ने सीवरकर जोड़कर फिर एक लाख रुपये का बिल भेज दिया। यह मामला मॉडल टाउन (शाहदाना कॉलोनी) का है, जहां सीवर लाइन है ही नहीं।
मंगलवार को नगर निगम में संभव समाधान दिवस में पहुंचे फरियादी सरदार अहमद खां ने बताया कि वह अपने मकान के नीचे शटरिंग का काम करते हैं। वर्ष 2023-24 में उनका चार लाख रुपये का बिल आया था, जिसमें सीवरकर जुड़ा था। उनके मुताबिक पूरे क्षेत्र में सीवर लाइन है ही नहीं। इसकी शिकायत की तो अधिकारियों ने पहले बकाया कर जमा कर बैलेंस शून्य कराने के लिए कहा। इस पर उन्होंने चार लाख रुपये कर जमा कर दिया।
अब सीवर टैक्स हटाकर वर्ष 2024-25 में 26 हजार रुपये का बिल आना था, लेकिन नगर निगम के कर विभाग ने दोबारा सीवरकर जोड़कर एक लाख रुपये का बिल भेज दिया है। समाधान दिवस में उनकी परेशानी का हल नहीं हुआ। वहां मौजूद अधिकारियों ने बताया कि मुख्य कर अधिकारी लखनऊ गए हैं, उनके आने पर ही समाधान होगा। संभव समाधान दिवस पर सिर्फ छह शिकायतें आईं। इनमें से दो महत्वपूर्ण शिकायतें मॉडल टाउन की थीं, जो कर विभाग से संबंधित रही। निस्तारण तो दूर की बात, उनका ब्योरा तक दर्ज नहीं किया गया।
नहीं हो रहा समस्या का हल
सीवरकर कटवाने के बाद भी हर बार इसे जोड़कर भेज दिया जाता है। समाधान दिवस पर आया था, लेकिन साहब नहीं मिले। इस वजह से प्रार्थनापत्र भी नहीं लिया गया। अब कर अधिकारी के आने पर दोबारा आऊंगा। - रहमत हुसैन
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