बरेली। यात्री कृपया ध्यान दें...। परिवहन निगम की बसों में सफर करते समय फर्स्ट एड बाक्स भी साथ लेकर जाएं। दुर्घटना के दौरान बसों में प्राथमिक उपचार के लिए जरूरी सामान उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में यहां लगे फर्स्ट एड बाक्स सिर्फ औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए हैं। इसके साथ ही बस स्टैंड पर भी अव्यवस्थाओं का अंबार है। जगह-जगह टैंक से गंदा पानी चोक होकर प्लेटफार्म पर बह रहा है। इस वजह से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडल में परिवहन निगम की कुल 583 बसों का संचालन किया जा रहा है। बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बाक्स में दवाएं-बैंडेज आदि आवश्यक सामान होना जरूरी हैं। ताकि कभी यात्रियों को जरूरत पड़े तो प्राथमिक उपचार तत्काल मिल सके। लेकिन, यहां हकीकत कुछ और ही है...। रोडवेज प्रबंधन की अधिकतर बसों में यात्रियों की जरूरत का सामान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में प्रबंधन इन बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर सड़कों पर दौड़ा रहा है। इस मामले में कई बार कर्मचारी संघ की ओर से भी प्रबंधन स्तर पर अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। लेकिन, अभी तक जिम्मेदारों ने कोई सुध नहीं ली है।
बस स्टैंड पर बिजली के तारों का जंजाल
सेटेलाइट बस स्टैंड पर बिजली के खुले तार लटके रहते हैं। जिनमें हर समय करंट दौड़ता है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। जिम्मेदारों की भी नजर अभी तक इस ओर नहीं पड़ सकी है।
समय सारिणी दिखाने वाली स्क्रीन पड़ी बंद
बस स्टैंड पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्क्रीन अब तक शुरू नहीं हो पाई है। इस एलईडी स्क्रीन पर बसों की समय सारिणी को प्रदर्शित किया जाना है। ताकि पूछताछ काउंटर पर लगने वाली लंबी लाइन से यात्रियों को निजात मिल सके।
बसों में फर्स्ट एड बाक्स न होने संबंधी बात मेरे संज्ञान में नहीं आई है। इसको दिखवाया जाएगा। अगर नहीं लगे हैं तो उपलब्ध कराए जाएंगे। सफाई व्यवस्था नियमित रूप से तीन बार होती है। बिजली के तारों की टेपिंग हाल ही में कराई गई थी। अगर कुछ तार हैं तो उनको ठीक करा दिया जाएगा।
एके वाजपेयी, एआरएम, रुहेलखंड डिपो