खाईखेड़ा निवासी रामचंद्र के पुत्र हरेंद्र का गांव में ही जनसेवा केंद्र है। सात फरवरी को इसका ताला तोड़ कर चोरों ने कुछ रुपये और सामान निकाल लिया था। सोमवार को हरेंद्र ने गांव निवासी भानुप्रताप के पुत्र प्रशांत के पास जनसेवा केंद्र के वैसे ही फार्म देखे जैसे उसके यहां से चोरी गए थे। उसने प्रशांत से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह इन्हें राजेंद्र के घर से लाया है। बातचीत में मामले ने तृल पकड़ा तो लोगों ने बीचबचाव करा दिया। हरेंद्र का आरोप है कि थोड़ी देर बाद राजेंद्र, उसके बेटे सागर, भानु और रामस्वरूप ने लाठियां और तमंचे लेकर उनके घर पर हमला बोल दिया। उसे और पिता रामचंद्र को पीटा और फायरिंग कर दी। इसमें वे बाल-बाल बच गए। हरेंद्र आदि ने थाने पहुंचकर चारों के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी। प्रभारी एसओ सीपी सिंह ने गांव जाकर तलाश की पर कोई हमलावर नहीं मिला। इस बीच दोपहर बाद घायल भानु को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भानु की पीठ में छर्रे लगे थे। उसका कहना था कि हमला उसके ऊपर हुआ है पर पुलिस ने प्रभावशाली लोगों के दबाव में उल्टा मुकदमा लिख दिया है। एसओ सीपी सिंह का कहना था कि भानु या उसका कोई परिवारीजन थाने नहीं आया है। वही लोग तो दोषी हैं। फिर भी भानु छर्रे लगने की बात कह रहा है तो वे जांच करेंगे।