हाफिजगंज (बरेली)। गन्ने के खेत में लगी आग बुझाने के प्रयास में झुलसे किसान की उपचार के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
गोसलपुर निवासी किसान गोपाल शरण (36 वर्ष) सोमवार को खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे थे। इसी बीच किसी ने सूखी पताई में आग लगा दी। आग की लपटें खेत की ओर बढ़ती देख गोपाल शरण ने उन्हें बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान वह आग की चपेट में आ गए। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों की सूचना पर पहुंचे परिजन गंभीर रूप से झुलसे गोपाल शरण को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
डॉक्टर ने भर्ती करने के बाद उनका उपचार शुरू किया। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि गोपाल शरण को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। आशंका है कि आग बुझाने के दौरान उन्हें दौरा पड़ गया होगा। चूंकि उस समय खेत पर अन्य लोग मौजूद नहीं थे, इस वजह से तुरंत उनकी मदद नहीं की जा सकी। आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान जब तक पहुंचे तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुके थे।
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31 दिसंबर को होना था बेटे का नामकरण
किसान गोपाल शरण का विवाह छह वर्ष पूर्व कुसुम के साथ हुआ था। शादी के एक वर्ष बाद कुसुम ने एक बेटी को जन्म दिया। बीते दिनों ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ। परिवार में लोग बेटे के जन्म की खुशियां मना रहे थे। 31 दिसंबर को नामकरण संस्कार की तिथि तय थी। बेटे के नामकरण संस्कार को लेकर गोपाल तैयारियों में लगे थे। कई लोगों को उन्होंने समारोह में शामिल होने की दावत दी थी। नामकरण संस्कार से पहले ही उनकी मौत से घर में मातम पसरा हुआ है।