बरेली। ग्राम पंचायत अधिकारी विपिन पांडेय के गबन पर डीपीआरओ की जांच आख्या को निदेशक पंचायती राज ने अस्वीकार कर दिया। उन्हें इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
बिथरी विकास खंड स्थित केसरपुर की ग्राम प्रधान चंद्रवती 25 अक्तूबर 2020 से 9 नवंबर 2020 तक बीमार थीं। इस अवधि में अलग-अलग अस्पतालों में भर्तीं रहीं। उनके डिजिटल साइन का डोंगल ग्राम पंचायत सचिव विपिन पांडेय इस्तेमाल करते रहे। जांच के दौरान चंद्रवती के पति मनोज कुमार ने बताया कि 9 नवंबर को फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई थी। अस्पताल में रहने की अवधि में ग्राम पंचायत अधिकारी ने 7,76,426 रुपये के भुगतान के लिए निकाले थे। 20 जुलाई को इसकी शिकायत हिंदू परिषद का जिला अध्यक्ष मदन मोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर की। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार की जांच में गबन की पुष्टि हुई। इसकी रिपोर्ट निदेशक पंचायत राज अधिकारी को भेजी गई। उन्होंने जांच आख्या को अस्वीकार करते हुए एफआईआर के निर्देश दिए। साथ ही आख्या तलब की है। विपिन पांडेय इससे पहले भी वित्तीय अनियमितता के आरोप में फंस चुके हैं। उनके खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज है। उनसे ग्राम पंचायतों का कार्यभार छीना जा चुका है।