फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: दूसरे समुदाय के कारोबारी संग लिव इन में रह रही थी महिला दरोगा, अब करेंगी कोर्ट मैरिज, अचानक दोनों लापता

Sun, 18 Jun 2023 11:53 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

मेरठ जिले के थाना किला परीक्षितगढ़ निवासी महिला दरोगा दूसरे समुदाय के लकड़ी कारोबारी से शादी करना चाहती हैं। इसके लिए दोनों ने मिलकर एसडीएम सदर के यहां आवेदन किया है। वहीं, महिला दरोगा के परिजनों ने एडीजी दफ्तर में पत्र देकर शादी का विरोध जताया। अब दरोगा और उसका प्रेमी लापता हो गए हैं।
विज्ञापन
चर्चा में है महिला दरोगा की शादी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में दूसरे समुदाय के युवक से शादी करने जा रही महिला दरोगा बिना अनुमति के लापता हो गई हैं। सीओ के आदेश कक्ष (ओआर) में भी वह नहीं पहुंचीं तो उनकी गैरहाजिरी दर्ज की गई है। उनके प्रेमी का भी पता नहीं लग रहा है।
विज्ञापन


मेरठ के किला परीक्षितगढ़ की मूलनिवासी व सुभाषनगर थाने की महिला दरोगा का बहेड़ी निवासी दूसरे समुदाय के युवक से प्यार इस कदर परवान चढ़ा है कि वह उससे शादी करने जा रही हैं। दरोगा की उम्र 50 वर्ष के करीब तो युवक करीब 30 साल का बताया जा रहा है। ज्यादा चर्चा दोनों के समुदाय को लेकर है।

दोनों ने अपने मौजूदा धर्म को कायम रखते हुए कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया है और इसके लिए एसडीएम कोर्ट सह विवाह अधिकारी से अनुमति मांगी गई है। शुक्रवार देर शाम से ही महिला दरोगा लापता हैं और उनका मोबाइल भी बंद है। रात में सीओ टू ने सुभाषनगर थाने का ओआर किया।
विज्ञापन


इन दरोगा के पास करीब दस विवेचना लंबित होने का रिकॉर्ड मिला, पर दरोगा की गैरमौजूदगी में इंस्पेक्टर से जवाब मांगा गया। इंस्पेक्टर ने बिना सूचना के जाना बताया तो मामले में अनुपस्थिति की सूचना दर्ज करा दी गई। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि दरोगा के निजी जीवन से विभाग को कोई मतलब नहीं है। हां, बिना अनुमति लापता होने पर जरूर उनसे स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
Trending Videos

पहले पुलिस का मुखबिर, फिर बना ड्राइवर
महिला दरोगा सालभर पहले बहेड़ी में एक पुलिस चौकी की इंचार्ज थीं। वहीं के युवक का थाने में आना-जाना था। बताते हैं कि उसकी पुलिसवालों से दोस्ती थी और मुखबिर के तौर पर वह पुलिस की मदद करता था। 

 

बहेड़ी थाने में उसे हाफिजजी के नाम से जाना जाता था। पुलिस को दबिश व निजी कामों के लिए वह टैक्सी मुहैया कराता था। महिला दरोगा से करीबी के बाद उसने टैक्सी चालक के तौर पर उन्हें लाने-ले जाने का काम किया। 

 
विज्ञापन

महिला दरोगा से नजदीकी बढ़ने पर उसने अपनी कार खरीद ली। उसका लकड़ी का कारोबार भी बताया जाता है। महिला दरोगा का बरेली तबादला होने के बाद ड्राइवर ने भी बांसमंडी में किराये पर कमरा ले लिया। बताया जा रहा है कि दोनों काफी समय से लिव इन में रह रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें