बरेली। नेशनल हाईवे पर संभलकर चलें, अन्यथा आप हादसे का शिकार हो सकते हैं। कोहरे के सीजन में यह खतरा और बढ़ जाता है। अधिकतर स्थानों पर न तो रिफलेक्टर हैं, न ही संकेतक। अवैध कट की भरमार है। कई जगह रेलिंग भी नदारद है। गहरे गड्ढे भी हादसों की वजह बन रहे हैं। ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार नहीं हो रहा। बीते एक माह में कई लोग हादसे में जान गंवा चुके हैं। सड़क सुरक्षा पखवाड़े के दौरान अफसर जागरूकता के नाम पर रस्म अदायगी तो कर रहे हैं पर हादसे रोकने के लिए जमीनी स्तर पर कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं।
हादसे के पांच प्रमुख कारण
अंधेरा : मीरगंज के लाभारी गांव से फतेहगंज पूर्वी तक राष्ट्रीय राजमार्ग का 72 किलोमीटर हिस्सा जिले की सीमा में आता है। इसके ज्यादातर हिस्से में रोशनी की व्यवस्था नहीं है। कुछ जगह फ्लाईओवर पर लाइटें लगी हैं मगर उनमें से अधिकतर खराब हो चुकी हैं।
अवैध कट : टिसुआ चौराहा, हरेली, अंधरपुरा सहित दर्जनों जगह हाईवे पर अवैध कट हैं। सड़क पार करने वाले वाहन यहां अचानक सामने आ जाते हैं। इस वजह से आए दिन हादसे होते हैं। कई बार अवैध कट बंद किए गए मगर हर बार स्थानीय लोग डिवाइडर क्षतिग्रस्त करके निकलने का रास्ता बना लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यहां ऊंची ग्रिल लगाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
छुट्टा पशु : हाईवे पर कई किलोमीटर हिस्से में रेलिंग गायब हो चुकी है। इस वजह से छुट्टा पशु व नीलगाय आदि जंगली जानवर अचानक सड़क पर आ जाते हैं। इसकी वजह से हर साल कई हादसे होते हैं।
लिंक प्वाइंट पर झाड़ियां : इंडियन रोड कांग्रेस के नियमों के अनुसार लिंक रोड व हाईवे के दोनों ओर करीब 100 मीटर तक दूर से आने वाला वाहन दिखना चाहिए। इस नियम का पालन नहीं हो रहा। हाईवे पर कई जगह सेफ साइड डिस्टेंस नजर नहीं आया। लिंक प्वाइंट पर पेड़ और झाड़ियों की वजह से कई जगह तो सामने से आता वाहन ही नजर नहीं आता।
गलत इंजीनियरिंग : रजऊ परसपुर के पास सड़क के गड्ढे तो भर दिए मगर यहां सड़क समतल नहीं की गई। फरीदपुर के पास हाईवे क्षतिग्रस्त हुआ तो महज आधी लेन की मरम्मत की गई। इस वजह से वहां भी सड़क ऊंची- नीची हो गई है। तेज रफ्तार में कई बार यहां वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं।
यहां से संभलकर गुजरें
हाईवे पर नवदिया झादा, मीरगंज के सिंधौली चौराहा, अवंतिका पेट्रोल पंप, अनुबिस चौकी के पास, लोहारी चौकी को ब्लैक स्पॉट के तौर पर चिह्नित किया गया है।
दिसंबर में हाईवे पर हुए हादसे
- तीन दिसंबर : टिसुआ चौराहे के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बसावनपुर निवासी राजेश की मौत।
- 12 दिसंबर : बिलवा पुल पर कॉलेज बस और ट्रक की टक्कर में छह विद्यार्थी चोटिल।
- 13 दिसंबर : अंधरपुरा के पास खड़े ट्रक में कैंटर घुसने से चालक की मौत।
- 15 दिसंबर : लभारी पुलिस चौकी के पास बस से टकराया कैंटर, चालक की जान गई।
- 15 दिसंबर : निकसुआ के पास ट्रक में फंसकर 50 मीटर तक घिसटी स्कूटी, ढाबा संचालक की मौत।
- 17 दिसंबर : टिसुआ फ्लाईओवर के पास दर्जनभर वाहन भिड़े।
अवैध कट को कई बार बंद कराया जा चुका है। हर बार स्थानीय लोग डिवाइडर क्षतिग्रस्त कर देते हैं। हाईवे पर अगर कहीं सड़क ऊंची-नीची है तो इसे दिखवाया जाएगा। क्षतिग्रस्त संकेतक की मरम्मत सहित अन्य सुधार भी जल्द किए जाएंगे। - बीपी पाठक, पीडी एनएचएआई
अवैध पार्किंग व गड्ढे बन रहे जान के दुश्मन
बरेली। सेटेलाइट बस अड्डे पर ब्लैक स्पॉट, अवैध पार्किंग, सड़क के गड्ढे व अतिक्रमण जानलेवा साबित हो रहे हैं। हादसों में लगातार लोगों की जान जा रही है। शनिवार रात ट्रक से कुचलकर महिला की मौत के बाद यहां सुधार नहीं दिख रहा। ब्लैक स्पॉट के आसपास न तो सड़क के गड्ढे भरे गए, न ही वहां अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाया जा सका। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, यहां ट्रैफिक सिग्नल को चालू करने के साथ एक महिला सिपाही की ड्यूटी जरूर लगा दी गई है।