बरेली के रिठौरा कस्बे के मोहल्ला मोहनपुर निवासी मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति ने तीन साल के बेटे को नहर के पास गड्ढे में फेंक दिया। बुधवार सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर उसे बाहर निकाला। पुलिस ने मासूम को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया है।
कलापुर गांव के ग्रामीण बुधवार को शौच के लिए गए थे। नहर के पास उन्हें किसी बच्चे के रोने की आवाज आई। गड्ढे में झांककर देखा तो एक बच्चा बिना कपड़ों के बैठा था। लोगों ने उसे बाहर निकाला। मौके पर भीड़ जुट गई। कुछ देर बाद गांव पहुंची मोहनपुर की महिला ने उसे अपना बेटा बताया। जांच के बाद पुलिस ने बच्चे को उसके सुपुर्द कर दिया।
महिला ने बताया कि पति की मानसिक हालत ठीक नहीं है। कई बार वह घर से भागने की कोशिश कर चुके हैं। अचानक वह आक्रामक हो जाते हैं। मंगलवार को रात में किसी समय वह तीन साल के बेटे को लेकर बाहर निकल गए। नहर के पास स्थित गड्ढे में बेटे को फेंककर वह वापस आकर सो गए। सुबह घरवालों ने मासूम को घर में नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू हुई।