रूमसिंह ने नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र के तहत संजय रस्तोगी के जमीन नाम आने को लेकर सुनवाई होनी थी लेकिन इस संबंध में लगातार देरी हो रही थी। रूम सिंह लगातार नायब तहसीलदार कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। गुरुवार दोपहर को भी वह तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार के यहां सुनवाई को गुहार लगाई। बताते हैं कि चूंकि उस जमीन का बैनामा संजय रस्तोगी के नाम था, इसलिए अधिकारी भी मामला टालने की कोशिश में थे। इससे परेशान होकर रूम सिंह ने अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे तहसील में ही विषाक्त पदार्थ खा लिया था। तहसीलदार करनवीर सिंह के पूछने पर रूम सिंह ने केवल यह बताया था कि उन्होंने सल्फास खा ली है। इस पर तहसीलदार उन्हें जिला अस्पताल ले गए। कॉल करके परिवार वालों को भी वहीं बुला लिया गया। फिर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया, जहां देर रात रूमसिंह की मौत हो गई।
भतीजे से मोबाइल पर ही हुई थी कहासुनी
रूम सिंह के जहरीला पदार्थ खाने से पहले उनके भतीजे से कहासुनी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस समय रूम सिंह तहसील आए थे उस दौरान उनकी अपने भतीजे से भी मोबाइल पर बात हुई थी। उनकी काफी कहासुनी हुई। इस बात को लेकर भी वह परेशान बताए जा रहे थे।