बरेली में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023-24 के लिए 6,90,242 करोड़ 43 लाख रुपये का बजट पेश किया है। इसमें दावा किया गया है कि गन्ना किसानों को छह वर्ष में 1,96,00 करोड़ रुपये के भुगतान किए गए हैं। जब बजट एक वर्ष का है तो बीते छह वर्ष के आकड़े बताकर वाहवाही लूटने का मतलब क्या है। ऐसे आकड़ों पर भरोसा कैसे करें।
वीएम सिंह ने कहा कि अगर आप आकड़ों की तह तक जाएं तो स्पष्ट होता है कि बीते वर्ष चीनी निगम और सहकारिता क्षेत्र में संचालित चीनी मिलों ने 3396.67 करोड़ रुपये तथा निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने 31801.93 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था। इसका भी शत प्रतिशत भुगतान नहीं हुआ है लेकिन सरकार ने छह वर्ष के भुगतान को जोड़कर अपने खाते में वाहवाही दर्ज करने का प्रयास किया है।