बरेली। पारिवारिक पेंशन जांच के फेरे में फंस गई है। रम्पुरा माफी की नाजमा बी मूक-बधिर हैं। उनके भाई ने बताया कि बीमार होने की वजह से वह जीवन प्रमाण पत्र नहीं जमा कर सकीं तो जनवरी 2022 में उनकी पेंशन बंद कर दी गई। 11 जून 2024 को कोषागार कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर पेंशन बहाल करने की गुहार लगाई। उनके मामले की जांच तहसीलदार सदर के जिम्मे है। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने से उनको पेंशन नहीं मिल पा रही है। ऐसे कई मामले हैं। मुख्य कोषाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए एसडीएम सदर और तहसीलदार को चार पत्र लिखे, पर कोई हल नहीं निकल सका। ऐसे में वह पेंशन देने के संबंध में निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि दो दिन के लिए हाईकोर्ट आया हूं। बृहस्पतिवार को तहसील पहुंचकर मामले को दिखवाएंगे। संवाद