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Bareilly: नकली फौजी गिरफ्तार, देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का शक, हर माह खाते से हजारों का ट्रांजेक्शन

Wed, 24 Aug 2022 02:33 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फिरोजाबाद के गांव विजयपुर भीकमपुर का रहने वाला सुनील यादव उर्फ शिवा यादव है। एक शिकायत के बाद वे लोग पांच महीने से उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को उसे अदालत के बाहर तब गिरफ्तार कर लिया गया जब वह बरेली निवासी अपनी पत्नी मेघा के साथ चल रहे दहेज उत्पीड़न के केस की तारीख पर पहुंचा था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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आर्मी इंटेलिजेंस ने एक नकली फौजी को पकड़कर कैंट पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसके पास विदेशी करेंसी, फर्जी आईडी और दो आधार कार्ड बरामद हुए। मोबाइल फोन में आर्मी कैंप समेत कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो और फोटो उस पर देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का भी शक जताया जा रहा है। कैंट पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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आर्मी इंटेलिजेंस के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी फिरोजाबाद के गांव विजयपुर भीकमपुर का रहने वाला सुनील यादव उर्फ शिवा यादव है। एक शिकायत के बाद वे लोग पांच महीने से उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को उसे अदालत के बाहर तब गिरफ्तार कर लिया गया जब वह बरेली निवासी अपनी पत्नी मेघा के साथ चल रहे दहेज उत्पीड़न के केस की तारीख पर पहुंचा था।

आर्मी इंटेलिजेंस ने सुनील उर्फ शिवा से नेपाली करेंसी, आर्मी का फर्जी आई कार्ड, सुनील और शिवा नाम के दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में उसने बताया कि आर्मी की वर्दी पहनकर और फर्जी आईडी की मदद से वह सेना के कई इलाकों में घूमता रहा है। उसने आर्मी कैंप, चेक पोस्ट और पाकिस्तान सीमा के पास जैसलमेर में स्थित तनोत माता के मंदिर के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किए हैं। आर्मी की गन के साथ अपना एक एडिट फोटो भी वायरल किया है।
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लंबी पूछताछ करने के बाद इंटेलिजेंस ने सभी साक्ष्यों के साथ आरोपी को कैंट पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कैंट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सुनील ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर एक युवक से 30 हजार रुपये हड़पने की भी बात कुबूल की। आरोपी की आईडी पर रेजिमेंट का नाम सिग्नल और पद सिग्नल- 3 जीटीआर लिखा हुआ है।

हर महीने खाते से हजारों का ट्रांजेक्शन
सुनील उर्फ शिवा के नाम से एसबीआई, पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक में पांच से छह अकाउंट हैं। आर्मी इंटेलिजेंस की छानबीन में पता चला कि इनमें से उसके एक खाते हर महीने 60 से 70 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। अब पुलिस यह पता लगाएगी कि इतनी रकम वह कहां से अर्जित करता था।
नकली फौजी बनकर तीन शादी कर डालीं पहली पत्नी की शिकायत पर पकड़ा गया

हर 20-25 दिन बाद चला आता था घर, साथ लाता था मोटी रकम
बरेली। सुनील उर्फ शिवा तीन शादी कर चुका है। उसकी पहली शादी बरेली के कैंट इलाके में ही रहने वाली मेघा से 2017 में हुई थी। मेघा के मुताबिक रिश्ता तय करने के लिए भी वह फौज की वर्दी पहनकर आया था। शादी के बाद उन्हें तब शक हुआ, जब हर 20-25 दिन बाद छुट्टी लेना बताकर घर चला आता था। हर बार उसके पास 50 हजार से एक लाख रुपये तक की रकम भी होती थी।

आर्मी से इतनी जल्दी-जल्दी छुट्टी मिलने और मोटी रकम साथ लाने से परेशान मेघा ने उससे पूछताछ की। पीएनओ नंबर न होने का कारण पूछते हुए आर्मी का पहचान पत्र दिखाने को कहा तो सुनील उर्फ शिवा ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद मेघा ने बरेली हेडक्वार्टर के साथ दिल्ली में भी उसके खिलाफ सूचना देकर उसके देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का शक जताया। इसके बाद आर्मी इंटेलिजेंस सुनील उर्फ शिवा के पीछे लग गई। मेघा ने सुनील और उसके घरवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट भी दर्ज करा चुकी हैं।

पूछताछ में पता चला कि सुनील उर्फ शिवा ने ग्वालियर में एक और लड़की से शादी की। उसने दूसरी पत्नी के फोटो भी इंटेलिजेंस को दे दिए। उसका नाम नेहा उर्फ सीमा बताया। दूसरी पत्नी के साथ फोटो में भी वह आर्मी की वर्दी पहने हुए है। आर्मी इंटेलिजेंस के साथ कैंट पुलिस भी दूसरी पत्नी से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। सुनील उर्फ शिवा ने बताया कि उसने एक पुलिस की सिपाही से भी शादी कर ली थी लेकिन उसकी धोखाधड़ी का पता लगने के बाद सिपाही ने फेसबुक पर उसका फोटो पोस्ट कर उसे धोखेबाज करार दे दिया और उससे पल्ला झाड़ लिया।

आर्मी कैंप की फोटो खींचने की फौजियों को भी मनाही
आर्मी इंटेलिजेंस के मुताबिक आर्मी कैंप और चेकपोस्ट का फोटो खींचकर वायरल करना सेना की नजर में गंभीर अपराध है। सुरक्षा की दृष्टि से ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाती है। सुनील उर्फ शिवा अगर असली जवान होता तब भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती।
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