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एनडीए के मेन एग्जाम में फेल हुआ तो बना फर्जी लेफ्टिनेंट

सार

फर्जी लेफ्टिनेंट प्रवीण कुमार एनडीए का प्री एग्जाम पास कर चुका है।परिवार वालों को विश्वास दिलाने के लिए सेना की वर्दी में कई फोटो खिंचवाकर उन्हें भेज दिए।
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बरेली। फर्जी लेफ्टिनेंट प्रवीण कुमार एनडीए का प्री एग्जाम पास कर चुका है। मेन एग्जाम में नाकाम रहने के बावजूद उसने परिवार और गांव में सेना में भर्ती हो जाने का एलान कर दिया और ट्रेनिंग में जाने की बात कहकर घर से निकल आया। परिवार वालों को विश्वास दिलाने के लिए सेना की वर्दी में कई फोटो खिंचवाकर उन्हें भेज दिए। सेना का वर्दी उसे ऐसी रास आई कि कई साल बाद भी उसे नहीं छोड़ पाया।
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पुलिस के मुताबिक प्रवीण से पूछताछ में कई राज खुले हैं। फर्जी लेफ्टिनेंट बनकर न सिर्फ वह सैन्य इलाकों में घूमता था बल्कि अक्सर सेना के अधिकारियों से भी मिलता रहता था। वर्दी और फर्जी परिचय पत्र के कारण कोई उस पर संदेह नहीं करता था। एनडीए का कार्ड दिखाकर वह सेना की कैंटीन में खरीदारी भी कर लेता था। पुलिस उसके खिलाफ इस शक के तहत भी जांच कर रही है कि कहीं उसने फर्जी सैन्य अफसर बनकर सेना से जुड़ी जानकारियां तो इधर से उधर नहीं की हैं। प्रवीण के परिवार में पिता सतेंद्र कुमार, मां संगीता देवी और 15 वर्षीय छोटा भाई है।
परिवार से हर महीने मंगाता था 30 हजार, कहता था ट्रेनिंग में वेतन नहीं मिलता
प्रवीण कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने परिवार वालों को बताया था कि वह एनडीए में सेलेक्ट होकर ट्रेनिंग के लिए जा रही है। वह अपने परिवार से हर महीने 30 हजार रुपये मंगाता था ताकि उसका खर्च चलता रहे। परिवार वाले खेती करते हैं, किसी को नहीं पता है कि ट्रेनिंग शुरू होते ही वेतन मिलने लगता है। कैंट पुलिस ने बताया कि प्रवीण ने जब एनडीए में सेलेक्ट होने का दावा किया तो उसके इलाके के विधायक ने उसे सम्मानित भी किया। क्षेत्रीय समाचार पत्रों में भी यह खबर प्रकाशित हुई। इसके फोटो उसके मोबाइल में मिले हैं। पुलिस ने मोबाइल फोन को सीज कर दिया है।
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20 डॉलर का नोट, दो बैंक अकाउंट
प्रवीण के पास से 20 डॉलर का एक अमेरिकन नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस और आर्मी इंटेलिजेंस की छानबीन में उसके नाम पर दो बैंक खातों का पता चला। इनमें एक बैंक ऑफ बड़ौदा और दूसरा यूनियन बैंक का है। दोनों खातों के ट्रांजेक्शन का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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