बरेली। चेतावनी और कड़ी कार्रवाई के बावजूद परीक्षा में नकल के मामले थम नहीं रहे हैं। बीते दिनों आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में नकल करते पकड़े गए 135 परीक्षार्थियों पर विश्वविद्यालय की अनुचित साधन निस्तारण समिति ने 59 विद्यार्थियों की वर्ष 2024 की परीक्षा निरस्त कर दी है साथ ही, 76 अभ्यर्थियों को एक-एक हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड को जमा करने के बाद इन्हें दोषमुक्त किया जाने का निर्णय समिति ने लिया है।
मीडिया प्रभारी डॉ. अमित सिंह के मुताबिक परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह ने कार्रवाई के संबंध में आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा को शांतिपूर्ण, नकल विहीन और पारदर्शी बनाने के लिए संकल्पित है। परीक्षार्थियों को भी लगातार परीक्षा की शुचिता बरकरार रखने के लिए दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं। फिर भी कई छात्र-छात्राएं नकल के भरोसे उत्तीर्ण होना चाहते हैं। जो गलत है।
कुलपति ने दिया था आदेश, मंथन के बाद कार्रवाई
मीडिया प्रभारी के मुताबिक कुलपति प्रो. केपी सिंह द्वारा जारी आदेश के तहत अनुचित साधन प्रयोग के नियमों, उपलब्ध साक्ष्यों, विशेषज्ञों की आख्या के आधार पर अनुचित साधन निस्तारण समिति ने गहन मंथन के बाद कार्रवाई का निर्णय लिया। बताया कि वर्ष 2024 की स्नातक विषम सेमेस्टर, व्यवसायिक परीक्षा, कृषि एवं विधि विषम सेमेस्टर परीक्षाओं में अनुचित साधन प्रयोग में कुल 135 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 59 परीक्षार्थियों की की वर्ष 2024 से संबंधित संपूर्ण परीक्षा निरस्त कर दी गई है। 76 परीक्षार्थियों पर एक हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
गाइड, पर्ची, मोबाइल प्रयोग करते पकड़े परीक्षार्थी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध नौ जिलों के चार सौ से ज्यादा महााविद्यालयों में परीक्षा संपन्न हुई थी। बरेली कॉलेज सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र रहा। यहां कई परीक्षार्थी नकल करते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम और कक्ष निरीक्षकों ने पकड़े थे। इनमें से कई परीक्षार्थियों ने गाइड, हाथ से लिखी पर्ची, शरीर के अंगों पर प्रश्नों के जबाव लिखकर लाए थे। प्रतिबंध और चेतावनी के बावजूद मोबाइल से भी नकल करते मिले थे। ब्यूरो