पिछले साल विश्वविद्यालय में शुरू हुआ था डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन की बेपरवाही का खामियाजा डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के विद्यार्थी भुगत रहे हैं। सत्र 2024-25 में पहली बार चार ट्रेड में डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग कोर्स की शुरुआत की गई थी। विद्यार्थियों का आरोप है कि अब तक उन्हें किताबें नहीं मिली हैं। पूरे साल किताबों के बिना ही पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि प्रवेश के समय विश्वविद्यालय ने किताबें और पूरा स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराने का वादा किया था। हाल यह है कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में भी डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के इन चारों ट्रेड का कोई स्टडी मैटेरियल मौजूद नहीं है। मजबूरी में विद्यार्थी ऑनलाइन सामग्री और पुराने नोट्स के भरोसे पढ़ाई कर रहे हैं। अब छात्र संगठनों ने इसको लेकर विरोध जताया है। इधर, इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सिंह ने दावा किया कि विद्यार्थियों को किताबें दी गई हैं और पुस्तकालय में भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अब तो नए सत्र के लिए किताबों की मांग भी कर दी गई है। संवाद