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उद्यमियों को मिले बिजली सरचार्ज और ब्याज में छूट

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आईआईए पदाधिकारियों ने कहा- तीस फीसदी ही रह गए उद्योग, कोरोना के कारण अब भी बाजार अस्थिर

बरेली। कोरोना की वजह से प्रभावित हुए उद्योग अब तक पटरी पर नहीं लौट सके हैं। उद्यमियों का कहना है कि कोरोना से पहले बरेली में उद्योगों का करीब पांच सौ करोड़ का टर्न ओवर था जो बाजार की अस्थिरता के कारण अब बमुश्किल दो सौ करोड़ ही रह गया है। कोरोना की दो लहरों ने उद्योगों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है और अब तीसरी लहर की भी आशंका जताई जा रही है लिहाजा बाजार का भविष्य अनिश्चित है। जब तक देश के लोगों को यह भरोसा नहीं मिलेगा कि वे सुरक्षित हैं, तब तक बाजार गति नहीं पकड़ पाएगा।

सरकार से बैंकों के ब्याज और बिजली के सरचार्ज में छूट की उम्मीद करते हैं। सिर्फ इतने भर से तमाम छोटे-बड़े उद्यमियों को बड़ी राहत मिल जाएगी। कोरोना के बाद बाजार तीस फीसदी रह गया है। इस समय बिजली की भी दिक्कत बढ़ रही है। बिजली सही मिलती रहे और ट्रिपिंग न हो तो उद्योगों के लिए ठीक रहेगा। उद्योगों का सही तरह से चलना बहुत जरूरी है। -नीरज गोयल, चेयरमैन आईआईए

कोरोना काल में लघु और अति लघु इकाइयां काफी प्रभावित हुई हैं। स्टाफ को व्यवस्थित करने में परेशानी होती है। होटल इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। इन्हें राहत मिलनी चाहिए। सरकार को ऐसे सभी सेक्टरों को सहारा देने की जरूरत है। जिन सेक्टरों में दिक्कत ज्यादा हैं, वहां ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। कई निजी स्कूल इस कोरोना में बंद हो गए हैं। - दिनेश गोयल, राष्ट्रीय महासचिव आईआईए

सरकार से रियायत की उम्मीद है। यह कह सकते हैं कि पैकेज तो मिला लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिल पाया। कारण बार-बार लॉकडाउन लगने और लॉकडाउन की आशंका से बाजार पर बहुत असर पड़ा है। स्पष्टता हो तो बाजार चल निकलेगा। ब्याज को कम करना चाहिए तभी उद्योग पटरी पर लौटेंगे। -तनुज भसीन, चैप्टर सेक्रेट्री

जब पैसा खर्च होता है तो अर्थव्यवस्था बढ़ती है। कोरोना काल में लोगों की खर्च करने की क्षमता घटी है। बाजार में मांग की कमी है। तीसरी लहर की आशंका से लोगों ने बचत शुरू कर दी है। जब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से देश को यह आश्वासन नहीं मिलेगा कि हम सुरक्षित हैं, तब तक बाजार में पुरानी रौनक नहीं लौट सकती है। - सुरेश सुंदरानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आईआईए

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