बहेड़ी। गुरुद्वारे के कीर्तन दरबार में जुटी सिक्ख संगत
बहेड़ी। तहसील क्षेत्र के आखिरी गांव उत्तमनगर में टनकपुर-सितारंगज हाईवे किनारे बने गुरुद्वारा श्री बाबा बुडडा साहिब जी में अखंड पाठ, कीर्तन दरबार के बाद लंगर का आयोजन किया गया। इसमें शामिल होने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व चंडीगढ़ से काफी श्रद्धालु आए।
वर्ष 1951 में पाकिस्तान से पूर्ण मर्यादा के साथ श्री गुरुग्रंथ साहिब की हस्तलिखित पुरातन पवित्र बीड़ साहिब को भारत लाकर बहेड़ी के उत्तमनगर के बुडडा साहिब गुरुद्वारे में 12 फरवरी को स्थापित किया था। 18 फरवरी को भोग व लंगर चलाया गया था। तब से यहां अखंड पाठ व भोग का आयोजन लगातार होता आ रहा है।
इस बार भी 12 फरवरी को अखंड पाठ व कीर्तन दरबार शुरू हुआ और रविवार को इसका भोग रखा गया। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। इसमें हजारों श्रद्धालु आए और पवित्र बीड़ साहिब के दर्शन कर संगत निहाल हो गई। दिल्ली से चमनजीत सिंह व चरनजीत सिंह हीरा, पटना साहिब से सर्वजीत सिंह, अमृतसर दरबार से ओंकार सिंह, नाडा साहिब नाले सुखविंदर सिंह के अलावा हजूरी रागी जत्था उत्तमनगर ने मधुर वाणी व साजबाज से गुरु की वाणी का बखान किया।
जोड़ाघर, लंगर व हाईवे पर यातायात संचालन की व्यवस्था गुरुद्वारा कमेटी के अलावा संगत के लोगों ने बखूबी संभाली। पूर्व मंत्री छत्रपाल सिंह, ब्लाॅक प्रमुख अमरिंदर सिंह गोल्डी, एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने भी गुरु के दरबार में मत्था टेका और लंगर का प्रसाद ग्रहण किया। कीर्तन दरबार का संचालन संगत के अलावा गुरुद्वारा कमेटी के संरक्षक व गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन सरदार जुगेंद्र सिंह, प्रधान सरदार सुखचैन सिंह और सदस्यों ने बखूबी संभाली।
बहेड़ी। गुरुद्वारे के कीर्तन दरबार में जुटी सिक्ख संगत