लखीमपुर खीरी के ममरी क्षेत्र में सोमवार की रात जंगली हाथी उत्पात मचाते हुए देवीपुर वीट के जंगल में स्थित वन विभाग की नर्सरी में घुस गए और पौधों को रौंदकर तहस-नहस कर डाला। नर्सरी की रखवाली कर रहे चौकीदार और माली ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। एक दिन पूर्व हाथियों ने खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर दिया था।
वनरक्षक नरेंद्र वर्मा ने बताया कि भूख लगने पर जंगल से बाहर निकले हाथियों ने गांव रायपुर, शिवपुरी निवासी किसानों के खेतों में खड़ा गन्ना खाकर अपनी भूख मिटाई और फिर वापस देवीपुर जंगल में आ गए। रेंजर नरेश पाल सिंह का कहना है कि हाथी दिन भर तो जंगल में रहते हैं और रात होने पर भूख मिटाने खेतों में निकल जाते हैं। जिनके सामने किसी का बस नहीं चल पा रहा है।
नर्सरी के हाथियों के पैरों के निशान
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रविवार को फसलें कर दी थीं नष्ट
रविवार की रात महेशपुर जंगल से देवीपुर बीट के जंगल में पहुंचे हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाया था। रायपुर बंजरिया मूड़ा गालिब गांव के पास भूखे हाथियों ने शिव शंकर लाल, सुरेश यादव, विक्रम सिंह, राहुल यादव, वीरेंद्र यादव, विनोद कुमार आदि किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना, गेहूं, मसूर की फसल रौंदकर तहस-नहस कर डाली।
किसानों की सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, वनरक्षक राजकुमार आदि वनकर्मियों ने बर्बाद हुई फसलों का निरीक्षण कर किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही गांव वालों को सतर्क रहने की सलाह दी। पीड़ित किसानों का कहना है कि जंगल के आसपास लहन पीकर मदमस्त हो रहे हैं। इसलिए हाथी जंगल नहीं छोड़ रहे हैं।