बरेली। बिजली चोरी रोकने के लिए तमाम प्रयास हुए हैं लेकिन चोरी कम नहीं हुई। चोरी रोकने के लिए डीजी विजिलेंस ने चेकिंग अधिक करने के आदेश दिए हैं। बरेली जिले में हर रोज औसतन 32 मामले बिजली चोरी के पकड़े जा रहे हैं। बीते वर्ष हर रोज 16 मामलों का औसत था। अगर शमन शुल्क की बात करें तो बीते वर्ष चोरी करने वालों से सात करोड़ रुपये जमा कराए गए। वर्ष 2022 में बिजली चोरी के 5558 मामले दर्ज कराए गए। जनवरी 2023 से 19 फरवरी तक 1600 मामले दर्ज हो चुके हैं। विद्युत विजिलेंस के थाना प्रभारी कमल कुमार ने बताया कि बिजली चोरी के जो मामले आते हैं उसमें विवेचना के लिए 18 महीने का समय मिलता है। इस दौरान यह प्रयास रहता है कि चोरी में नामजद लोग शमन शुल्क जमा करें ताकि राजस्व बढ़े। जो लोग शमन शुल्क जमा नहीं करते हैं उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जाता है। बीते 2022 में सात करोड़ रुपये शमन शुल्क उन लोगों से वसूल किया गया जिनके खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज थी। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष 2662 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई जबकि 596 मामलों में चार्जशीट दाखिल की गई।