बरेली। शुक्रवार को किला उपकेंद्र के हुसैन बाग में खंभे में आ रहे करंट की चपेट में आने से 14 वर्षीय बालक झुलस गया। हरुनगला के कुसुमनगर में ट्रांसफार्मर की फेसिंग में आ रहे करंट से एक गोवंशीय पशु की जान चली गई। इज्जतनगर के लक्ष्मीपुर और शाहदाना के गंगापुर में भी एक-एक पशु की करंट से मौत हो गई। लोकल फॉल्ट के कारण कई इलाकों में सात घंटे तक बिजली गुल रही।
शुक्रवार सुबह मरम्मत संबंधी कार्यों के लिए कुतुबखाना उपकेंद्र से शटडाउन लिया गया। दोपहर 12 बजे आपूर्ति चालू की गई, लेकिन इसके बाद बड़ा बाजार में लाइन टूट गई। इससे बिहारीपुर कहरवान, पंजाबपुरा, केलाबाग की आपूर्ति शाम छह बजे तक ठप रही। इज्जतनगर उपकेंद्र की गांधीपुरम कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात ट्रांसफार्मर का फ्यूज उड़ने के बाद पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। शुक्रवार को फॉल्ट सही हुआ तो शाम को फिर से लाइन टूटने के कारण आपूर्ति ठप हो गई। इससे गांधीपुरम, रामलीला गौटिया और पहाड़ी कॉलोनी में आपूर्ति ठप रही। किला उपकेंद्र के मलूकपुर, साहूकारा में भी लोकल फॉल्ट ने परेशान किया। सतीपुर चौराहा के पास भी एक पशु की करंट से मौत हो गई।
हुसैनबाग में बच्चे को करंट लगने के बाद स्थानीय निवासी सदाकत, साजिद ने बताया कि खंभे में कई दिन से करंट आ रहा था। शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। एसडीई किला भगवानदास ने बताया कि बालक झुलसा नहीं है। सपोर्ट वायर की अर्थिंग से उसको झटका लग गया था। इधर, सुभाषनगर उपकेंद्र में शुक्रवार को भी दो बार ब्रेक डाउन हुआ। जगतपुर उपकेंद्र के सतीपुर, मीरा की पैठ इलाकों में चार घंटे बिजली गुल रही। अधीक्षण अभियंता अंबा प्रसाद वशिष्ठ ने बताया कि कुछ स्थानों पर लोकल फॉल्ट की वजह से समस्या हुई है। हादसे की कोई सूचना नहीं है।
33 केवी लाइनों की बढ़ाई गई पेट्रोलिंग, राधा माधव की लाइन ब्रेक डाउन
बार-बार आ रही समस्या के बीच 33 केवी की सभी लाइनों की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। शहर में सबसे लंबी 18 किमी की सुभाषनगर उपकेंद्र की 33 केवी लाइन पर दो टीमों को लगाया गया है। शुक्रवार दोपहर के समय राधा माधव फीडर की 33 केवी लाइन भी ब्रेक डाउन हो गई। इससे उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में चार घंटे तक कटौती की गई।
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जुगाड़ पर टिका सिस्टम बारिश में ध्वस्त, आठ-आठ घंटे बिजली गुल
बरेली। गर्मियों में बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए की गईं जुगाड़ें अब भारी पड़ रही हैं। बारिश में 11 और 33 केवी की लाइनें तक दगा दे रही हैं। ट्रांसफार्मर भी फुंक रहे हैं। इससे शहर के अलग-अलग इलाकों में उपभोक्ताओं को रोजाना सात से आठ घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि समेत बिजली लाइनों को बदलने का काम कई महीने तक चलने के बाद भी पूरा नहीं हुआ। अप्रैल में विद्युत निगम के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने बरेली पहुंच कर समीक्षा की तो पता लगा कि काम पूरे नहीं हुए हैं। सत्यापन कराने पर 200 से ज्यादा कार्य मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। कई स्थानों पर फौरी तौर पर जुगाड़ कर दी गई।
बारिश शुरू होने के बाद जुगाड़ पर टिका सिस्टम धोखा देने लगा। 33 केवी की लाइन भी एक दिन में तीन-तीन बार ब्रेक डाउन हो रही हैं। बारिश के बीच लोकल फॉल्ट की सबसे ज्यादा समस्या है। शहर के कई इलाकों में बंच केबल बदलने काम भी पूरा न होने से कई-कई घंटे बिजली गुल हो रही है। किला, शाहदाना, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ, कुतुबखाना उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि न होने से रोस्टिंग कर आपूर्ति दी जा रही है। संवाद
क्षमता वृद्धि के काम चल रहे हैं। साउथ सिटी के पास एक नया बिजली उपकेंद्र जल्द शुरू हो जाएगा। बारिश में लोकल फॉल्ट होते ही हैं। जहां भी कमियां हैं उनको दूर किया जा रहा है। -अंबा प्रसाद वशिष्ठ, अधीक्षण अभियंता