बरेली। मेरठ में दबिश के बाद भी एनसीईआरटी की नकली किताबों का धंधा करने वाला शिक्षा माफिया अवनीश मित्तल और उसके तीन साथी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। अब टीम बरेली लौट आई है। अब जेल भेजे गए आरोपी राजीव गुप्ता और नफीस को रिमांड पर लेने की तैयारी है। किताबों के कुछ बड़े डीलर भी पुलिस के निशान पर हैं।
पिछले दिनों भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में एनसीईआरटी की नकली किताबें छापकर यूपी समेत उत्तराखंड के जिलों में सप्लाई करने के मामले का भंडाफोड़ हुआ था। बरेली के कारोबारी राजीव गुप्ता की टाइल्स फैक्टरी में किताबों की छपाई होती थी। पुलिस ने राजीव गुप्ता और नफीस को जेल भेज दिया था। सरगना मेरठ निवासी एक पूर्व विधायक का पीए अवनीश मित्तल और उसके साथी पीयूष कंसल, सोनू गुप्ता, सचिन गुप्ता पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े।
एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है। जरूरत के अनुसार जेल भेजे गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।