बरेली। बरेली कॉलेज में इंग्लिश फैकल्टी की ओर से पीजी फोरम के अंतर्गत आलोचनात्मक अध्ययन पर एक व्याख्यान हुआ। व्याख्यान में दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. एसी त्रिपाठी मुख्य वक्ता रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाषा पर हर काल में साहित्यिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक प्रभाव रहा है। इसी के अनुरूप इसका विकास हुआ है और इसी के अनुरूप साहित्य को नई दिशा मिली है। वहीं, इंग्लिश डिपोर्टमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने कहा कि साहित्य में आधुनिक आलोचना के अंतर्गत संरचनावाद का जन्म हुआ है। कहा कि संरचनावाद के जरिए ना केवल आलोचना को नया आयाम दिया जाता है, बल्कि भाषा में नए शब्दों का समावेश भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि अंतर विषय व्याख्यान के जरिए छात्रों को लाभ पहुंचता है। यह विषय विज्ञान से जुड़ा और यथार्थवादी विषय भी है।