बरेली। बृहस्पतिवार रात एसटीएफ और अलीगंज पुलिस के हत्थे चढ़े अफीम तस्कर दो साल में इस धंधे से लाखों रुपये कमा चुके थे। आंवला निवासी दो तस्करों ने कार पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लिखवा रखा था और सजातीय नेता से सीधा संबंध बताते थे। आंवला के तस्कर कुंवरपाल लोधी उर्फ केपी ने पूछताछ में बताया कि उसने दो साल में अफीम तस्करी से 20 लाख रुपये कमाए हैं। केपी ने टीम को बताया कि करीब दो साल से वह झारखंड से अफीम लाकर बेच रहा है। कुछ डील स्थानीय स्तर पर हो जाती है, पर बाकी माल पंजाब जाकर सप्लाई करते हैं। उन्हें इस डील में प्रति किलो 50 हजार रुपये तक बच जाते हैं। केपी ने स्वीकार किया कि अभी तक वह इस धंधे से 20 लाख रुपये कमा चुका है। झारखंड के दोनों आरोपियों का पिता चमर सिंह हस्सा वहां के अफीम काश्तकारों से जुड़ा है और उसी ने बेटों को यहां भेजा था। झारखंड से एक लाख रुपये किलो तक अफीम मिल जाती है, जो पंजाब में डेढ़ लाख रुपये किलाे तक बिकती है।
एसटीएफ बरेली के प्रभारी राघवेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त टीम ने चारों तस्करों को पौने दस किलो अफीम के साथ पकड़ा था। इनमें अतुल वर्मा और कुंवरपाल आंवला कस्बे में पूर्व चेयरमैन वाली रोड निवासी हैं। जबकि बलराम हस्सा और सुपाल हस्सा सगे भाई हैं, जो झारखंड के जिला व थाना खूंटी के निवासी निकले।
जो मारूति वैन मिली उसके आगे भगवा रंग से भाजपा जिला उपाध्यक्ष लिखा है। कार अतुल चला रहा था। उसके गिरोह का सरगना साथ केपी था। जब इनसे कार पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लिखा होने की जानकारी ली तो बताया कि इस वजह से उन्हें पुलिस नहीं रोकती थी