बरेली। कलर कोडिंग से शहर के छह रूटों पर ई-रिक्शा संचालन के विरोध में ई-रिक्शा चालकों ने शनिवार को भी धरना दिया। ई-रिक्शा चालक मय ई-रिक्शा के तयशुदा कार्यक्रम के मुताबिक दामोदार पार्क में धरना देने के लिए सुबह 10 बजे ही इकट्ठा हो गए। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा पहुंचने से जाम की स्थिति बनी तो पुलिस ने लठियाकर खदेड़ दिया। वहां से भागे चालक बिशप मंडल कॉलेज मैदान में धरने पर बैठ गए। शाम तक कोई रास्ता नहीं निकल सका। जनसेवा ई-रिक्शा चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह बिट्टू ने मंगलवार से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है।
शहर में जाम का प्रमुख कारण बने ई-रिक्शा के संचालन के लिए पुलिस-प्रशासन ने कलर कोडिंग कर छह रूट तय किए हैं। एक अगस्त से तय रूटों पर संचालन होना था लेकिन पुलिस ने बिना कलर कोडिंग के ही शुक्रवार से निर्धारित रूटों पर संचालन का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जगह-जगह ई-रिक्शों का चालान किए जाने से नाराज चालक शुक्रवार को ही आंदोलित हो गए थे। प्रदर्शन करने के बाद मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन भी दिया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके विरोध में शनिवार को और ज्यादा हंगामा हुआ। धरना प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा चालक बिशप मंडल मैदान में जमा हुए। पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। माहौल गरमाने पर बिशप मंडल मैदान के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों ने कई बार धरना खत्म कराने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
शाम चार बजे सीओ प्रधान श्वेता यादव ने ई-रिक्शा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता की। एसोसिएशन ने दो दिन का समय दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर सोमवार तक ई-रिक्शा संचालन के लिए सभी रूट नहीं खोले गए तो बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा।
एक तरफ कांवड़ यात्रा, दूसरी ओर चालकों का हंगामा
शांतिपूर्ण कांवड़ यात्रा को लेकर पहले से ही पुलिस पर काफी दबाव है। कांवड़ यात्रा के लिहाज से शुक्रवार से रविवार तक के दिन संवेदनशील होते हैं। शनिवार को शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाकों में कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन दबाव में था। दूसरी ओर सैकड़ों की संख्या में ई-रिक्शा चालक बिशप मंडल मैदान में जमा हो गए। ऐसे में पुलिस-प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया।
सांसद और मेयर से ट्रैफिक पुलिस की मनमानी की शिकायत
ई-रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष मंजीत सिंह बिट्टा ने ट्रैफिक पुलिस की मनमानी की शिकायत सांसद संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम से की है। उन्होंने ई-रिक्शा संचालन के लिए सभी रूट खोलने और प्रमुख रूटों पर ई-रिक्शा चालकों के लिए एक लेन आरक्षित करने की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष का आरोप है कि ई-रिक्शा चालकों का शोषण किया जा रहा है। शांतिपूर्ण धरना देने के लिए दामोदर पार्क में जमा हुए ई-रिक्शा चालकों को लाठि़यां भांजकर खदेड़ा गया।
ई-रिक्शा चालकों का पक्ष
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निर्धारित रूटों पर ई-रिक्शा का संचालन संभव नहीं है। हाल ही में ई-रिक्शा खरीदा है। किसी तरह परिवार का पालन पोषण कर रहा हूं। अभी एक किस्त ही जमा की है। नए रूटों पर ई-रिक्शा को सवारियां नहीं मिलेंगी।- मुहम्मद जुबैर
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ई-रिक्शा चालकों को बेरोजगार करने की साजिश की जा रही है। परिवार में पांच लोगों का पालन पोषण ई-रिक्शा से ही कर रहा हूं। जिस तरह से रूट तय किए गए हैं वह ठीक नहीं हैं। यह रिक्शा चालकों का शोषण है।- हरीश चंद्र
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बेरोजगारी में ई-रिक्शा ही एक साधन है। ई-रिक्शा चालकों को गली मोहल्लों तक जाना होता है। जिस तरह से रूट तय किए गए हैं उससे ई-रिक्शा चालकों को नुकसान और शहर के आम लोगों को परेशानी होगी।- टिंकू मिश्रा
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पति ई-रिक्शा चलाते हैं। तबियत खराब होने की वजह से वह धरना में शामिल नहीं हो सके। यह हजारों ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी का सवाल है। ऐसे में बेटे के साथ मैं धरना में शामिल होने आई हूं।- रूपा देवी