बरेली। ई-चालान से ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग का काम जहां आसान हुआ है, वहीं वाहन स्वामियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रोजाना शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से यातायात नियम तोड़ने पर 1000-1200 वाहनों के चालान हो रहे हैं, लेकिन वाहन स्वामियों तक इसकी सूचना नहीं पहुंच रही। लगातार तीन बार चालान होने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने तक की कार्रवाई हो जा रही है। ऐसे में वाहन स्वामी परेशान हैं।
ई-चालान की सूचना वाहन स्वामियों को एसएमएस के जरिये भेजी जाती है। वाहनों के पंजीयन प्रमाणपत्र पर गलत मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण ई-चालान की सूचना वाहन स्वामियों तक नहीं पहुंच पाती। आईसीसीसी की ओर से भी समय से सूचना नहीं भेजी जाती। ऐसे चालानों की सूची परिवहन विभाग को भेज दी जाती है। जिन वाहनों का लगातार तीन बार से ज्यादा चालान हो चुका होता है, संबंधित वाहन स्वामियाें के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित कर दिया जाता है।
ई-चालान होने के बाद एक सप्ताह तक वाहन स्वामी खुद ही ऑनलाइन जुर्माना जमा कर सकते हैं। इसके बाद चालान को परिवहन विभाग और फिर कोर्ट भेज दिया जाता है। ऐसे में वाहन स्वामियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ता है। तय समय में जुर्माना जमा न करने पर इसकी राशि भी बढ़ा दी जाती है।
मोबाइल नंबर अपडेट कराना वाहन स्वामी का काम
एसपी ट्रैफिक शिवराज का कहना है कि आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट कराना वाहन स्वामी की जिम्मेदारी है। ई-चालान के बाद वाहन स्वामी को मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिये सूचना दी जाती है। इसके लिए उनको अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराना जरूरी है।
दो महीने में 11 चालान, सूचना एक बार भी नहीं मिलीं
सुरेश शर्मा नगर निवासी अंकुर गुप्ता की बाइक के बीते दो माह में 11 चालान हो गए। सभी चालान सुरेश शर्मा नगर के आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये हुए। ट्रैफिक पुलिस ने उनका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए परिवहन विभाग को लिख दिया। इसके बाद अंकुर को सूचना मिली तो वह परिवहन विभाग पहुंचे। अंकुर का कहना है कि उन्हें एक बार भी चालान की सूचना नहीं मिली। अब वह जुर्माना जमा करने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
वर्जन
आईसीसीसी के जरिये जो ई-चालान किए जाते हैं, मैसेज के जरिये उसकी सूचना वाहन स्वामियों को दी जाती है। कुछ मामलों में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में लोगों को अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराने की जरूरत है। - दिनेश कुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन