बरेली। भीषण गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से शहरवासी परेशान हैं। सबसे बुरा हाल सुभाषनगर क्षेत्र का है। यहां 20-20 घंटे तक कटौती से घरों और दुकानों में खाने-पीने का सामान खराब हो रहा है। बुजुर्गों और बीमार लोगों का बुरा हाल है। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। लोग पेड़ की छांव में दिन तो छत पर लेटकर रात बिता रहे हैं। ऐसे में लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। उपभोक्ता उपकेंद्रों से लेकर डीएम आवास तक का घेराव करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
बदायूं रोड स्थित सर्वोदय नगर में बुधवार को दिनभर बिजली गुल रही। यहां बरामदे में बैठे सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर भगत सिंह यादव पत्नी को हाथ वाला पंखा झलते मिले। उन्होंने बताया कि पत्नी बीमार हैं। गर्मी में 20-20 घंटे बिजली कटौती से उनकी हालत और भी बिगड़ गई है।
इफको कॉलोनी निवासी डेयरी संचालक गंगेश शर्मा ने बताया कि घंटों बिजली कटौती के कारण रोजाना दूध खराब हो रहा है। मंगलवार को भी आपूर्ति ठप होने से फ्रिज बंद रहा। इससे 40 लीटर दूध खराब हो गया। साउथ सिटी के श्यामवीर सिंह का मिष्ठान भंडार है। बिजली आपूर्ति ठप रहने से उनकी मिठाइयां खराब हो गईं।
प्रगतिनगर के बुजुर्ग चिरौंजी लाल बीमार हैं। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी में वह घर से बाहर या शाम को छत पर जाने में भी असमर्थ हैं। गर्मी की वजह से उनकी हालत और बिगड़ गई है। उनकी पत्नी भी बीमार हैं। घर के बरामदे में किसी तरह समय गुजार रहे हैं। नींद भी पूरी नहीं हो रही। वैष्णोधाम कॉलोनी के बुजुर्ग सुभाषचंद्र ने बताया कि मंगलवार को पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। बुधवार को भी सिर्फ एक-दो घंटे के लिए ही बिजली आई। इससे दिनचर्या बिगड़ गई है।
स्टाफ भी करता है मनमानी, नहीं रिसीव करते कॉलबीडीए कॉलोनी के बृजपाल का कहना है कि सुभाषनगर उपकेंद्र का स्टाफ भी मनमानी करता है। अधिकारी कॉल रिसीव नहीं करते। बिजली कटौती का कारण और आपूर्ति कब बहाल होगी? इसका भी पता नहीं चलता। यहीं के भूपाल सिंह ने बताया कि सुबह पानी की आपूर्ति ठप होने से कामगारों को भी ऑफिस जाने में देरी होती है। उनके जाने के बाद घर में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बचते हैं। पूरा-पूरा दिन और रात की कटौती ने बेहाल कर दिया है।
बिजली कटौती के कारण लोगों के काम भी अटक रहे हैं। सुभाषनगर क्षेत्र के उपडाक घरों में आधार नामांकन के लिए भी कतारें लग रही हैं। सुभाषनगर के आशीष कुमार ने बताया कि आधार नामांकन के लिए वह तीन बार उप डाकघर जा चुके हैं, लेकिन बिजली न होने के कारण नामांकन नहीं हो पा रहा है। कुछ समय के लिए बिजली आती है तो वहां कतार लग जाती है।