बरेली। गड्ढामुक्ति अभियान के नाम पर जिम्मेदार खानापूर्ति कर रहे हैं। 28 दिन बाद भी शहर की प्रमुख सड़कें गड्ढामुक्त नहीं हो सकी हैं। बुधवार को इसकी पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई।
अब सिर्फ आठ दिन बचे हैं। नगर निगम के काम की जो रफ्तार है, उसे देखकर लग रहा है कि इस बार धनतेरस और दिवाली पर भी शहरवासियों को गड्ढों से होकर गुजरना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 सितंबर को सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए थे। इसके बाद अभियान शुरू हुआ। लोग उम्मीद कर रहे थे कि दिवाली से पहले सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएंगी, पर ऐसा नहीं हो सका। अब कारोबार से लेकर सामान्य जनजीवन पर इसका असर पड़ रहा है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि अभियान के तहत काफी काम हुआ है, फिर भी कुछ सड़कें अभी रह गई हैं। उनको गड्ढामुक्त कराएंगे। कुछ मार्ग ज्यादा खस्ताहाल हैं, उनका नवीनीकरण कराया जाएगा।
- चौपुला पुल जहां खत्म होता है, वहां सड़क खोदी गई पर ठीक नहीं की गई। गिट्टी भर कर छोड़ दी गई है। अब कोई वाहन वहां से गुजरता है तो गिट्टी उछलती है और लोगों को लगती है।
- माधवबाड़ी में गंगापुर मार्ग पर गड्ढामुक्ति के नाम पर खानापूर्ति की गई। गड्ढे में मलबा भरा गया था, जो बह गया। उखड़ी सड़क पर गिरकर लोग जख्मी हो रहे हैं।
- मैकेनियर रोड पर गड्ढे में जब वाहन पलटने लगे तो आसपास के लोगों ने उसमें मलबा डाल दिया। इसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी नहीं चेते। लोग खतरों भरा सफर कर रहे हैं।
- एकतानगर को डीपीपुरम से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग करीब एक साल से खस्ताहाल है। हर रोज कोई न कोई व्यक्ति गिरकर जख्मी हो रहा है। जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।