बरेली। शहर की सबसे बड़ी मलिन बस्तियों में शुमार हजियापुर के लोग जिम्मेदारों की बेपरवाही का दंश झेल रहे हैं। यहां बीते पांच साल से नालों की सफाई नहीं कराई गई। रविवार रात हुई झमाझम बारिश के बाद सोमवार को यहां जबर्दस्त जलभराव हुआ। सरकारी स्कूल में भी पानी भर गया। सभी रास्ते डूब गए। स्थिति यह रही कि दोपहर तक न तो कोई मोहल्ले से बाहर जा सका, न ही कोई बाहर से मोहल्ले में आ सका। अन्य निचले इलाकों का भी यही हाल रहा।
संजयनगर में नई सड़क का निर्माण हुआ है। निर्माण के दौरान इसे थोड़ा ऊंचा कर दिया गया। इस कारण इस पर जलभराव नहीं हुआ, लेकिन तीन साल से नाले-नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यहां की हर गली-मुहल्ले में जलभराव हुआ। कई इलाकों में बारिश के बिना ही सालभर नाले उफान पर रहते हैं। रविवार रात हुई बारिश के बाद कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया। कुछ लोगों ने बाल्टियों से इसे बाहर निकाला तो कुछ ने पंप का सहारा लिया। सोमवार को शाम तक यहां पानी कम नहीं हुआ।
सुभाषनगर पुलिया व मढ़ीनाथ के भी हालात बुरे
सुभाषनगर पुलिया व मढ़ीनाथ में भी जलभराव की समस्या कम नहीं हुई है। राजीव कॉलोनी के नालों से भले ही 150 ट्रॉली कूड़ा निकाला जा चुका है, लेकिन निचला इलाका होने के कारण सुभाषनगर में जलभराव की समस्या बनी हुई है। मढ़ीनाथ में भी लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद