बरेली। अक्सर लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की आलोचना तो बहुत आसानी से कर देते हैं, लेकिन शायद ऐसे लोगों की समझ में आ गया होगा कि कोरोना जैसी महामारी के समय केवल सरकारी मशीनरी और योग्य डॉक्टर ही काम आ रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा ग्रामीण और नगरीय परिवार कल्याण केंद्रों में कई ऐसे योग्य डॉक्टर तैनात हैं जो कोरोना के खिलाफ मजबूती से जंग लड़ रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं हरुनगला परिवार कल्याण केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरमीत पुरी।
डॉक्टर हरमीत पुरी बताती हैं कि जब भारत में कोरोना वायरस का एक भी केस नहीं था तभी से उन्होंने अपने हरूनगला के स्टाफ को इस वायरस के दुनिया में फैले होने की जानकारी दी थी। साथ ही से बचाव और जंग लड़ने के तरीके सिखाने शुरू कर दिए थे। डॉ. पुरी बताती हैं पहला केस केरल में मिला था तो उनका स्टाफ पूरी तरीके से ट्रेंड हो चुका था कि कोरोना मरीज का कैसे इलाज करना है, उसकी देखभाल कैसे करनी है।
डॉक्टर पूरी कहती हैं कि अगर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कर लिया जाए तो काफी हद तक कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। उनका स्टाफ हरूनगला में मास्क लगाकर और ग्लव्स पहनकर बाकायदा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रोजाना अस्पताल में मौजूद रहता है। प्रत्येक कर्मचारी और आशा के काम का डॉक्टर हरमीत पुरी बारीकी से निरीक्षण करती हैं जांच करती हैं। मौके पर जाकर फील्ड में क्रॉस चेकिंग भी कर रही हैं। जिला अस्पताल के क्वारन्टीन वार्ड में मरीजों की देखभाल कर रहे एक फार्मासिस्ट को भी ट्रेनिग दी है।
रास्ते में पुलिस कर्मियों को वायरस के खतरे और बचाव के तरीके बताती हैं :
डॉक्टर हरमीत पुरी प्रभा टॉकीज के बराबर स्थित अपने आवास से रोजाना कार खुद ड्राइव करके हरूनगला पहुंचती हैं। रास्ते में जहां-जहां होने भीड़ लगी मिलती है वहां अपनी कार रोककर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग की जानकारी देती हैं। दूर दूर खड़े रहने को समझाती हैं। आम लोगों के अलावा पुलिस कर्मचारियों को भी डॉक्टर हरमीत पुरी समझाती हुई अपने अस्पताल हरूनगला पहुंचती हैं। रोजाना स्टाफ की अस्पताल कैंपस में ही खड़े होकर मीटिंग लेती हैं।
दूरियां बनाकर से लड़ी जा सकती है कोरोना वायरस से जंग :
डॉक्टर हरमीत पुरी कहती हैं माना कि वायरस खतरनाक और जानलेवा है लेकिन सावधानी से अगर इस वायरस से जंग लड़ी जाए तो वायरस हारेगा और समझदार व्यक्ति जीतेगा। डॉक्टर पुरी लोगों को बताती हैं कि प्रत्येक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से डिस्टेंस बनाकर बात करे। अगर किसी को खांसी आ रही हो छीक आ रही हो तो मुंह पर रुमाल जरूर लगाए या मास्क लगाएं। बेहतर होगा कि ऐसे लोग घर के अंदर ही रहें। बाहर बिल्कुल ना निकले तुरंत डॉक्टर से सलाह लें या सरकारी अस्पताल में पहुंचकर जांच कराएं क्योंकि एक भी व्यक्ति की लापरवाही अड़ोस पड़ोस समाज और शहर के अलावा देश के लिए भी भारी पड़ सकती है। हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को खुद समझें और समाज का देश का जिम्मेदार नागरिक बने।
पुलिस को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देती डाक्टर पुरी।
- फोटो : AMAR UJALA
पुलिस को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देती डाक्टर पुरी।