गोला बैराज से पहले दिन 75,834 व दूसरे दिन 16,546 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, हालात खतरे से बाहर
बहेड़ी। उत्तराखंड के गोला बैराज से दोबारा पानी छोड़े जाने से किच्छा नदी के किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे सड़कों पर लबालब पानी भर गया। खेतों में खड़ी फसल व पशुओं का चारा जलमग्न हो गया। इससे किसान चिंतित है। वहीं, एसडीएम व तहसीलदार ने क्षेत्र के गांवों का जायजा लिया है। उनका कहना है कि नदी में अब पानी घटने लगा है। हालात खतरे से बाहर है।
शुक्रवार की दोपहर उत्तराखंड के गोला बैराज से 75,834 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे किच्छा नदी उफना गई। वहीं, शनिवार की दोपहर तीन बजे गोला बैराज से 16,546 क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे तहसील के गांव रतनपुर नौडांडी, रजपुरा, रिछोली, सुकटिया, हरहरपुर, फाजलपुर, चाचेट, मौलाना फॉर्म, भाटिया फॉर्म, मुड़िया मुकरमपुर समेत दर्जनों और गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। नदी का पानी गांव से लेकर सड़कों तक लबालब भर गया है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। खेतों में खड़ी गन्ना, धान की फसल के अलावा पशुओं का चारा जलमग्न हो गया है। गांव तक में पानी पहुंच चुका है। डूडा शुमाली गांव में बनी राइस मिल के अंदर तक पानी भर गया है।
हल्का लेखपाल व बाढ़ चौकियां सक्रिय
गांव में तैनात हल्का लेखपाल व बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से लगातार नजर रखने के लिए कहा गया। एसडीएम ने गोला बैराज से पानी छोड़े जाने की सूचना पर नदी की तलहटी में बने घरों को शुक्रवार को ही खाली करा दिया था। तहसीलदार भानू प्रताप ने शेरगढ़ क्षेत्र के गांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम और तहसीलदार ने संयुक्त रूप से मेगा फूड पार्क व मुड़िया मुकरमपुर गांव का दौरा कर बाढ़ के हालात जाने। एसडीएम ने बताया कि अब नदी में पानी घटने लगा है। पानी जो नदी से निकला था, वापस हो रहा है। हालत खतरे से बाहर है। किसी तरह की जनहानि की कोई सूचना नहीं है। संवाद
बहेड़ी। किच्छा नदी का पानी डूडा सुमाली गांव में राइस मिल के अंदर घुसा