Do not show the moon, from the first Rosa tomorrow
- फोटो : Do not show the moon, from the first Rosa tomorrow
माहे मुबारक रमजान शरीफ का चांद नजर नहीं आया। लिहाजा ताजुश्शरीया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) ने तीस दिन का चांद मानते हुए 28 मई को पहला रोजा होने का एलान कर दिया है। माहे शाबान के 29 दिन का चांद नहीं हुआ। लिहाजा माहे रमजान 28 मई से शुरू होगा। इस लिहाज से पहला रोजा 28 मई को रखा जाएगा। यह फैसला दरगाह आला हजरत स्थित मरकजी दारुल इफ्ता में ताजुश्शरीया ने शहर काजी मौलाना असजद रजा खां सहित तमाम मरकजी उलमा के साथ बैठक के बाद लिया। इसमें मुफ्ती अफजाल रजवी, मुफ्ती आशिक हुसैन, मुफ्ती नाजिम रजवी, कारी काजिम रजा व सलमान हसन कादरी शामिल रहे। इससे पूर्व देशभर के कई बड़े शहरों से चांद की तस्दीक की गई। मीजिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि चांद की तस्दीक के लिए मरकजी दारुल इफ्ता की ओर से आस पास के तामाम शहरों और कस्बों में नुमाइंदे तैनात किए गए थे। उन सभी के दरियाफ्त करने पर कहीं से भी चांद की कोई शहादत नहीं मिली है। इधर, जिला जमीयतुल उलमा हिंद के अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद मियां कासमी ने बताया कि कहीं से भी चांद की शहादत नहीं मिली है। लिहाजा 28 मई को ही पहला रोजा होगा। इसी तरह शिया जामा मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना समशुल हसन खां ने भी 28 मई को माहे रमजान की पहली तारीख होने का एलान किया है।