बरेली। विशारतगंज और अलीगंज थाना क्षेत्र में संरक्षित पशुओं की हत्या और तस्करी के मामले में चार पशु तस्करों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया गया था। मामले में डीएम और एसएसपी ने शुक्रवार को लखनऊ में उच्च न्यायालय के सलाहकार बोर्ड के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए।
विशारतगंज व अलीगंज थाना क्षेत्र के मेहंदी हसन, हसीब कुरैशी, मोहम्मद रिजवान और आरिफ खान नाम के गो तस्कर इन दिनों बरेली जिला जेल में बंद हैं। मेहंदी हसन पर गो तस्करी के छह और हसीब कुरैशी पर सात मामले दर्ज हैं। रिजवान और आरिफ के खिलाफ भी इस तरह के मामले दर्ज हैं। कुछ दिन पहले पशुधन राज्यमंत्री धर्मपाल गंगवार के विधानसभा क्षेत्र में दो जगह संरक्षित पशुओं का कटान कर अवशेष फेंकने की घटनाएं हुई थीं। पुलिस ने एक ही दिन में 120 पशु तस्करों को गिरफ्तार किया था। चारों की ओर से जमानत के लिए कोर्ट में पैरवी की गई थी। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने चारों पर रासुका लगा दिया था। रासुका जारी रखने को लेकर डीएम शिवाकांत द्विवेदी, एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बोर्ड के समक्ष पेश होकर तथ्य प्रस्तुत किए।