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Bareilly News: धान खरीद पर मंडलायुक्त ने उठाए सवाल, बैठाई जांच

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पीलीभीत मंडी समिति में हो रही धान की तौल।
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खरीद में अचानक तेजी आने पर केंद्रों पर दर्ज मोबाइल नंबरों पर कराया फोन, सभी बंद मिले
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मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर दिए मोबाइल नंबरों की जांच कराने के निर्देश
पीलीभीत। विवादों से घिरी धान खरीद में अब मंडलायुक्त संयुक्ता समद्दार ने भी गड़बड़ी की आशंका जताई है। दरअसल, मंडलायुक्त ने खरीद केंद्र पर दर्ज किसानों के मोबाइल नंबर पर फोन किया तो वे बंद मिले। इसके बाद उन्होंने डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार को पत्र लिखकर इन मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने को कहा है।
पहली अक्तूबर से जिले में धान खरीद की शुरुआत हुई थी। पहले माह में धान खरीद नाममात्र की ही हो पाई। इसके बाद नवंबर में अचानक खरीद में तेजी आ गई। बावजूद इसके लक्ष्य के सापेक्ष 50 प्रतिशत खरीद भी पूरी नहीं हो सकी। बृहस्पतिवार तक जिले में 36 प्रतिशत ही धान खरीद हो सकी है। सेंटरों पर धान लाने वालों का पोर्टल पर मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाता है, ताकि जानकारी भी की जा सके। मंडलायुक्त की ओर से जब कुछ लोगों पर फोन कर जानकारी करनी चाही गई तो उनके नंबर बंद जा रहे थे। ऐसे में उन्होंने सेंटरों पर गड़बड़ी की आशंका जताई।
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मंडलायुक्त ने डीएम को कमेटी बनाकर जांच करने और नंबरों को ट्रेस कराने के निर्देश दिए हैं। कमिश्नर के निर्देश पर डीएम ने सभी एसडीएम को कमेटी बनाकर वास्तविक किसानों और उनके मोबाइल नंबरों का सत्यापन करने को कहा है। साथ ही कहा है कि अगर मोबाइल नंबर किसी बिचौलिये का मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट दें।
धान खरीद में फर्जी सिम प्रयोग किए जाने की आशंका
डीएम की ओर से एसडीएम को भेजे गए पत्र में कहा गया है जिन किसानों का फोन बंद या फिर आउट ऑफ नेटवर्क आ रहा है। ऐसे में हो सकता है कि किसी बिचौलिये या थर्ड पार्टी का फर्जी सिम एलॉट कराकर धान बिक्री में प्रयोग किया गया हो। अभी इसकी पुष्टि बाकी है।
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पूरनपुर मंडी में मचता रहा फर्जी खरीद का शोर
धान सेंटरों पर बिचौलियों की मौजूदगी और फर्जी धान खरीद का शोर सबसे अधिक पूरनपुर मंडी में मचता रहा। भाकियू के अलावा अन्य लोगों ने भी कमिश्नर से लेकर डीएम से शिकायत की थी। कहा गया था कि राइस मिलों में खरीदे गए धान को ही सेंटरों पर खरीद होना दर्शाया जा रहा है, लेकिन तब अधिकारी खामोश रहे थे।
हर तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर वास्तविक किसानों का सत्यापन कराया जाएगा। उनके स्तर से भी इसकी जांच पड़ताल होगी।
- रामसिंह गौतम, जिला धान खरीद अधिकारी
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