बरेली। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के किला उपकेंद्र से परसाखेड़ा तक डाली गई 33 केवी भूमिगत बिजली लाइन के काम की गुणवत्ता में गड़बड़ी पाई गई है। भूमिगत केबल का यह काम आनन-फानन में पूरा कराया गया था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ मुख्यालय से आई टीम ने भूमिगत केबल समेत अन्य कई कार्यों की भी शुक्रवार को जांच की। शनिवार को भी टीम शहर में कराए गए कार्यों की जांच करेगी।
पिछले दिनों सनसिटी बिजली उपकेंद्र के पीरबहोड़ा में घपला सामने आने के बाद कई कामों की मुख्यालय स्तर से जांच कराई जा रही है। किला उपकेंद्र से परसाखेड़ा तक 15 किमी भूमिगत केबल की गुणवत्ता भी मानकों के अनुसार नहीं पाई गई है। शहर के कुछ इलाकों में बंच केबल की गुणवत्ता भी खराब मिली है। इसके अलावा दो दिन की जांच में अब तक 10 ट्रांसफार्मरों की क्षमता भी कम पाई गई है। भूमिगत केबल की सुरक्षा के लिए डाला जाने वाला हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एचडीपीई) पाइप भी सभी स्थानों पर नहीं डाला गया है।
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आज परखे जाएंगे स्मार्ट मीटर, ट्रांसफार्मरों की क्षमता की जांच होगी
- लखनऊ से आई टीम शनिवार को ट्रांसफार्मरों की क्षमता को भी परखेगी। शहर में चल रहे स्मार्ट मीटर के काम को भी देखेगी। टीम में शामिल अधिशासी अभियंता अरविंद सिंह ने नगरीय क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय में जांच करेंगे। उनके साथ अधिशासी अभियंता अमित मेहरोत्रा भी शामिल रहेंगे। शनिवार को सत्यापन संबंधी कार्य पूरे करने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंप देगी। बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार और उच्चीकरण के कार्यों के एस्टीमेट से लेकर टेंडर तक की जांच की जा रही है।
मुख्यालय स्तर की टीम शहर में बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार को कराए गए कार्यों की जांच कर रही है। कुछ स्थानों पर काम की गुणवत्ता खराब पाई गई है। शनिवार को भी टीम जांच करेगी। एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया व भुगतान संबंधी सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुक्रवार को किला उपकेंद्र से परसाखेड़ा तक भूमिगत केबल की जांच की गई। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - रणविजय सिंह, मुख्य अभियंता
अमर उजाला ब्यूरो