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Bareilly News: जुलूस-ए-मोहम्मदी के रास्ते पर विवाद... 20 घंटे उठापटक, थमी रहीं अंजुमन

Mon, 16 Sep 2024 07:38 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में रविवार को 20 घंटे तक दो पक्षों में तनातनी के बाद शाम को अफसरों ने मामले का पटाक्षेप कराने का दावा किया। अल्पसंख्यक बहुल बस्ती वाले रास्ते से जुलूस गुजारने पर सहमति बनी। इसके बाद यहां रात नौ बजे जुलूस निकाला गया। 
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जगतपुर में रूट को लेकर हुआ था विवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के पुराना शहर में रविवार को जुलूस-ए- मोहम्मदी के रास्ते को लेकर विवाद खड़ा हो गया। पिछले साल जगतपुर में हुए विवाद के चलते इस बार दरगाह प्रबंधन के दखल पर सभी अंजुमनें रोक दी गईं। 20 घंटे तक दो पक्षों में तनातनी के बाद शाम को अफसरों ने मामले का पटाक्षेप कराने का दावा किया। अल्पसंख्यक बहुल बस्ती वाले रास्ते से जुलूस गुजारने पर सहमति बनी। अफसरों ने भी इस पर मुहर लगा दी। तब रात नौ बजे जुलूस आगे रवाना हुआ। उधर, जोगी नवादा में जुलूस रोके जाने पर देर रात तक हंगामा होता रहा। 

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इस बार अंजुमनों के जुलूस के रास्ते को लेकर शनिवार रात से ही तनातनी बढ़ने लगी थी। जुलूस के आयोजकों का कहना था कि अगर जगतपुर में रवि की चक्की की ओर से रास्ता नहीं दिया गया तो वे लोग कोई जुलूस या अंजुमन नहीं ले जाएंगे। आला हजरत दरगाह के प्रमुख सुब्हानी मियां की इस बात पर सहमति के बाद पुराना शहर के इस जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों (छोटे जुलूस) का रात आठ बजे तक आगाज ही नहीं किया गया।

वहीं, जगतपुर में रहने वाले दूसरे समुदाय के लोग अपनी बस्ती से जुलूस निकलने देने के लिए किसी तरह तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि नई परंपरा डालने की कोशिश की गई तो वे खामोश नहीं बैठेंगे। इसके बाद अधिकारी दोनों पक्षों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने में जुटे और सभी रास्तों पर फोर्स लगा दी।

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पुराना शहर में निकाला गया जुलूस ए मोहम्मदी - फोटो : अमर उजाला
नए रूट के लिए मिली लिखित अनुमति 
शाम को सहमति बनी कि रवि की चक्की की ओर न जाकर बुखारपुरा की ओर से अंजुमन जुलूस निकाल दिया जाए। वहां हिंदुओं के केवल आठ-दस घर ही हैं। दरगाह से जुड़े लोगों का कहना था कि वे इस रूट से जुलूस ले जाने के लिए तैयार हैं, पर कहीं ऐसा न हो कि नए रूट से जाने को लेकर उन पर कानूनी कार्रवाई कर दी जाए। इसलिए उन्हें लिखा-पढ़ी में यह रूट चाहिए।

अधिकारियों ने रात आठ बजे बुखारपुरा से जुलूस ले जाने की लिखित अनुमति दे दी। इसके बाद नौ बजे जुलूस आगे बढ़ गया। वहीं एक पक्ष के कुछ लोगों का ऐतराज बरकरार रहा।  बुखारपुरा बस्ती के जिस रूट को जुलूस के लिए चुना गया, वहां के डीके प्रजापति व अन्य लोगों का कहना था कि पुलिस-प्रशासन नई परंपरा डलवा रहा है, जिससे माहौल और खराब हो सकता है। 

जोगी नवादा में देर रात तक चलता रहा हंगामा
पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी पर रार का केंद्र इस बार जोगी नवादा रहा। यहां चार अंजुमनों में शामिल पांच सौ लोगों ने मौर्य गली की ओर से निकलने की कोशिश की तो तीखा विरोध हुआ। पुलिस ने अंजुमनों के डीजे हटवा दिए, फिर भी विरोध कम न हुआ। यहां फंसीं अंजुमन रात सवा दो बजे तक आगे नहीं बढ़ सकीं। 

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एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अंजुमन जुलूस के रास्ते के कुछ हिस्से को लेकर विवाद था। ऐसे में एक शॉर्टकट रूट चुना गया, जिस पर दूसरे समुदाय के कुछ ही घर हैं। यहां से जुलूस निकालने को लेकर सभी सहमत हो गए। इसके बाद कोई विवाद नहीं रहा। 
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