बरेली। शाही के गांव दुनकी में प्रतिबंधित रास्ते से कांवड़ यात्रा निकालने की जिद से उपजा तनाव शनिवार को हिंदू संगठन के नेता के किसी भी हालत में इसी रास्ते से निकलने के एलान के बाद और बढ़ गया। इसके बाद सुबह ही एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया समेत तमाम अफसर दुनकी पहुंच गए। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। गांव के तमाम लोग इसके बाद घर छोड़कर भूमिगत हो गए।
शाही के गांव दुनकी के लोगों ने हाल ही में मुस्लिम बहुल इलाके से होकर जाने वाले उस रास्ते से कांवड़ यात्रा लेकर निकलने का एलान किया था जिसे कई बार विवाद होने के बाद 2014 में कांवड़ यात्रा के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसके बाद से इलाके में कई दिनों से तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन के अफसरों के कई बार समझाने के बावजूद दुनकी के लोग प्रतिबंधित रास्ते से ही कांवड़ यात्रा ले जाने की जिद पर अड़े हुए थे।
इसी बीच शनिवार को शीशगढ़ के एक हिंदू संगठन के नेता की ओर से सोशल मीडिया पर एक मेसेज वायरल कर एलान कर दिया कि शनिवार को हरहाल में दुनकी से ही कांवड़ यात्रा निकलवाई जाएगी, चाहे पुलिस उसके खिलाफ रिपोर्ट क्यों न दर्ज कर ले। हिंदू नेता ने इसके साथ लोगों से भारी संख्या में दुनकी पहुंचने की भी अपील कर दी। मेसेज वायरल होने पर पुलिस-प्रशासन में हलचल शुरू हो गई। एसडीएम वेदप्रकाश मिश्रा और सीओ राजकुमार मिश्र सिरौली और शाही थाने का फोर्स लेकर गांव पहुंचे। अधिकारियों ने गांव के शिव मंदिर पर ग्रामीणों को इकट्ठा कर उन्हें समझाया, लेकिन वे विवादित रास्ते से ही कांवड़ यात्रा निकलने की जिद पर अड़ रहे।
दो घंटे की पंचायत के बावजूद कोई हल नहीं निकला तो एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल, एडीएम प्रशासन ऋतु पूनिया, एसपी क्राइम, सीओ और एसडीएम मीरगंज आरएएफ समेत कई थानों का फोर्स लेकर दुनकी पहुंच गए। भारी पुलिस बल आने के बाद ज्यादातर ग्रामीण घर छोड़कर गांव से भाग निकले। इसके बाद अफसरों ने विवादित रास्ते पर बैरियर लगाकर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष पर वादाखिलाफी का आरोप
एसडीएम और सीओ ने जब ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया तो उनका कहना था कि स्थानीय विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष ने उनसे वादा किया था वे इसी रास्ते से उनकी कांवड़ा यात्रा निकलवाएंगे, लेकिन अब वे अपनी बात से मुकर रहे हैं। उन्होंने मौके पर आना तक मुनासिब नहीं समझा। इससे पहले कई दिनों से चल रहे विवाद को तूल देने वाले कुछ नेता शनिवार को तब तक गांव में लोगों को भड़काते रहे जब तक भारी पुलिस फोर्स नहीं पहुंच गया। जैसे फोर्स पहुंचा, खुद खिसक लिए। हालांकि पहले वे दावा कर रहे थे कि शनिवार को वे हर हालत में कांवड़ यात्रा निकलवा कर रहेंगे, चाहे उन्हें जेल क्यों न जाना पड़े।
28 लोग मुचलका पाबंद
एसपी देहात और एडीएम प्रशासन गांव पहुंचे तो उन्होंने प्रधान के पति से सभी ग्रामीणों को एकत्र करने को कहा लेकिन प्रधान के पति के बुलावे पर कोई भी ग्रामीण नहीं पहुंचा, बल्कि घर छोड़कर खेतों की तरफ भाग गए। जब कोई नहीं पहुंचा तो एसपी देहात ने शाही थानाध्यक्ष को खुराफातियों को मुचलका पाबंद करने के निर्देश दिए। इस पर शाही पुलिस ने 28 लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर दिए। एडीएम प्रशासन ने एसडीएम को दो मजिस्ट्रेटों की तैनाती गांव में करने के निर्देश दिए। इस पर बीडीओ शेरगढ़ और तहसीलदार मीरगंज की गांव में ड्यूटी लगा दी गई।