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Bareilly News: जिन बीमारियों के ज्यादा मरीज, उनकी दवाएं नदारद

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बरेली। बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल में फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों की कतार लग रही है। यही हाल तीन सौ बेड अस्पताल का है। इस बीच दवाओं की किल्लत और ओपीडी से डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण मरीजों को और दिक्कत हो रही है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में इन दिनों फ्लू, सर्दी, खांसी, बुखार और जुकाम के मरीज ज्यादा हैं। ओपीडी में जिन बीमारियों के ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं, उनमें दी जाने वाली दवाओं की किल्लत बनी हुई है। इस बीच कोरोना के मामले भी सामने आने लगे हैं। ऐसे में मामूली खांसी, जुकाम होने पर भी लोग जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल के कमरा नंबर पांच में कुछ देर तक बैठने के बाद चेस्ट फिजिशियन चले गए। उनके कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लग गई। कई मरीज खड़े होने की स्थिति में नहीं थे। उन्होंने फर्श पर बैठ कर डॉक्टर का इंतजार किया।
तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में एक ही फिजिशियन हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और फ्लू जैसी बीमारियों में काम आने वाली दवाओं की कमी यहां भी है। बच्चों को दी जाने वाली ज्यादातर दवाएं बाहर से लिखी जा रही हैं।
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इलाज अस्पताल में और दवाएं बाहर से
जिला अस्पताल में एंटी एलर्जिकल दवाओं की कमी बनी हुई है। मरीजों को गैस और त्वचा संबंधी बीमारियों में काम आने वाली दवाएं भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। कई दवाएं तो जिला अस्पताल स्थित जनऔषधि केंद्र पर भी नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
शासन से नई सीटी स्कैन मशीन स्वीकृत, मिलने में हो रही देरी
जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन काफी समय से खराब है। लगातार पत्राचार के बाद शासन से नई सीटी स्कैन मशीन स्वीकृत तो हो गई है, लेकिन मिलने में देरी हो रही है।
वर्जन
सीटी स्कैन मशीन शासन स्तर से स्वीकृत हो गई है। एक्स-रे सुविधा अब सामान्य है। अगर दवाओं की कोई कमी है तो उसे दिखवा कर दूर कराया जाएगा।- डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस
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