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Bareilly News: सात साल से दर्द दे रही जर्जर सड़क, 20 गांवों के एक लाख लोगों की राह मुश्किल

Thu, 15 Feb 2024 12:04 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

गोरालोकनाथपुर से पैगानगरी, बसंतपुर होते हुए गुलड़िया मंदिर तक 16.77 किलोमीटर लंबी सड़क जर्जर हालत में है। इसके कारण 20 गांवों के करीब एक लाख लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
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जर्जर सड़क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में हाईवे के गोरालोकनाथपुर से पैगानगरी, बसंतपुर होते हुए गुलड़िया मंदिर तक 16.77 किलोमीटर लंबी सड़क जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते सात साल से जर्जर है। इससे 20 गांवों की करीब एक लाख आबादी का आवागमन बाधित हो रहा है। 

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विभाग इसका दो बार एस्टीमेट बना चुका है। प्रस्ताव मुख्यालय भी भेजा गया लेकिन न मरम्मत हुई और न ही चौड़ीकरण हुआ। क्षेत्रीय विधायक ने सीएम के सामने मुद्दा उठाया तो लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने मुख्यालय को आख्या भेजी है। अब मुख्यालय से संस्तुति का इंतजार है। 

इस सड़क को तीन से सात मीटर चौड़ा करने के लिए 22 जून 2023 को एस्टीमेट बना था। निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को 83 करोड़ रुपये चाहिए, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली। मीरगंज क्षेत्र के विधायक डीसी वर्मा मुख्यमंत्री के सामने 10 जनवरी को बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक और 6 फरवरी को लखनऊ में मुलाकात के दौरान सड़क के मुद्दे को प्रमुखता से उठा चुके हैं। उनका कहना है कि जब तक सड़क नहीं बन रही, तब तक लोक निर्माण विभाग इस मार्ग को गड्ढा मुक्त ही कराए।  

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वर्ष 2021 में बना था कुछ हिस्सा  
एक लाख से अधिक आबादी और सिरौली क्षेत्र के 20 से अधिक गांव इस सड़क के न बनने से प्रभावित हो रहे हैं। कोई बीमार हो जाए तो बरेली और आंवला के अस्पताल तक पहुंचने में मुश्किल होती है। वाहन रास्ते में पलटने का खतरा रहता है। 

ग्रामीणों ने बताया कि 2021 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण विभाग था और गोरालोकनाथपुर पुल के लोकार्पण के लिए तिथि तय हो गई थी। उस समय लोक निर्माण विभाग ने सड़क का कुछ हिस्सा रातोंरात बनाया था, लेकिन डिप्टी सीएम का दौरा टल गया तो सड़क के बाकी हिस्से का निर्माण भी टल गया। अब तक लोग जोखिम भरा सफर कर रहे हैं।

लोग बोले- सिर्फ आश्वासन मिल रहा
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा तो खूब हो रहा है पर यहां तो सड़क ही गायब है। सड़क बनाने के लिए सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। -साहब सिंह, कुतरोई 
शिवरात्रि पर गुलड़िया में मंदिर में हजारों श्रद्धालु जाते हैं। परेशानी हो रही है। अधिकारी इसका अनुभव करते तो ऐसी हालत न होती। - अश्वनी यादव, कुतरोई

ये गांव हैं प्रभावित
गुलड़िया गौरीशंकर, बड़ागांव, बसंतपुर, भूड़ा, नकटपुर, हाफिजगंज, राजपुर कला भजनई खटेटा, कतुरोई, मुगलपुर, गिरधरपुर, पिपरिया, कल्याण पुर, मंझा, भजा गौटिया, लभारी, गनेशपुर, गुरुगांव, झाऊंनगल, शिखा, डालचंद गौटिया, भीमलोर, आनन्दपुर, पुन्नापुर, रामनगर, मीरगंज इलाके के गांव, गोरा, हेमराजपुर, हुरहुरी, बेरोली, खुर्द समेत दो दर्जन गांव इस सड़क के न बनने से सीधे प्रभावित हैं।
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मैंने मुख्यमंत्री के सामने मंडलीय समीक्षा बैठक में मुद्दा उठाया था। विधानसभा में भी मांग उठा चुका हूं। डीएम ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण को पत्र भेजा है। जल्द ही निर्माण को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यदि देरी होती है तो फिर से शासन के संज्ञान में लाएंगे। क्योंकि क्षेत्रीय जनता को दिक्कत हो रही है।-  डीसी वर्मा, विधायक मीरगंज 

सड़क के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। प्रमुख अभियंता कार्यालय में एस्टीमेट का परीक्षण हो रहा है। जैसे ही मंजूरी मिलती है काम कराएंगे।- संजय तिवारी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग 
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