वर्ष 2021 में बना था कुछ हिस्सा
एक लाख से अधिक आबादी और सिरौली क्षेत्र के 20 से अधिक गांव इस सड़क के न बनने से प्रभावित हो रहे हैं। कोई बीमार हो जाए तो बरेली और आंवला के अस्पताल तक पहुंचने में मुश्किल होती है। वाहन रास्ते में पलटने का खतरा रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि 2021 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पास लोक निर्माण विभाग था और गोरालोकनाथपुर पुल के लोकार्पण के लिए तिथि तय हो गई थी। उस समय लोक निर्माण विभाग ने सड़क का कुछ हिस्सा रातोंरात बनाया था, लेकिन डिप्टी सीएम का दौरा टल गया तो सड़क के बाकी हिस्से का निर्माण भी टल गया। अब तक लोग जोखिम भरा सफर कर रहे हैं।
लोग बोले- सिर्फ आश्वासन मिल रहा
सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का दावा तो खूब हो रहा है पर यहां तो सड़क ही गायब है। सड़क बनाने के लिए सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं। -साहब सिंह, कुतरोई
शिवरात्रि पर गुलड़िया में मंदिर में हजारों श्रद्धालु जाते हैं। परेशानी हो रही है। अधिकारी इसका अनुभव करते तो ऐसी हालत न होती। - अश्वनी यादव, कुतरोई
ये गांव हैं प्रभावित
गुलड़िया गौरीशंकर, बड़ागांव, बसंतपुर, भूड़ा, नकटपुर, हाफिजगंज, राजपुर कला भजनई खटेटा, कतुरोई, मुगलपुर, गिरधरपुर, पिपरिया, कल्याण पुर, मंझा, भजा गौटिया, लभारी, गनेशपुर, गुरुगांव, झाऊंनगल, शिखा, डालचंद गौटिया, भीमलोर, आनन्दपुर, पुन्नापुर, रामनगर, मीरगंज इलाके के गांव, गोरा, हेमराजपुर, हुरहुरी, बेरोली, खुर्द समेत दो दर्जन गांव इस सड़क के न बनने से सीधे प्रभावित हैं।
मैंने मुख्यमंत्री के सामने मंडलीय समीक्षा बैठक में मुद्दा उठाया था। विधानसभा में भी मांग उठा चुका हूं। डीएम ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण को पत्र भेजा है। जल्द ही निर्माण को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यदि देरी होती है तो फिर से शासन के संज्ञान में लाएंगे। क्योंकि क्षेत्रीय जनता को दिक्कत हो रही है।- डीसी वर्मा, विधायक मीरगंज
सड़क के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। प्रमुख अभियंता कार्यालय में एस्टीमेट का परीक्षण हो रहा है। जैसे ही मंजूरी मिलती है काम कराएंगे।- संजय तिवारी, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग