बरेली। सप्ताह भर से चल रहा सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई का काम अब ओपीडी की ओर शुरू हुआ है। इसके चलते सोमवार को ओपीडी, इमरजेंसी, पैथोलॉजी, फिजियोथेरेपी सेंटर, इमरजेंसी, ब्लड बैंक जाने वाले मरीज और तीमारदारों को परेशानी हुई।
रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह 10 बजे के बाद मरीजों की कतार बढ़ती गई। पर्चा काउंटर कर्मचारी के मुताबिक सुबह दस बजे से पहले तक तीन सौ ही पर्चे बने थे, लेकिन दस बजे के बाद 11 सौ से ज्यादा पर्चे बने। संभावना जताई कि सुबह ठंड होने के चलते मरीज घरों में रहे। धूप निकलने के बाद वे घरों से बाहर निकले। इधर, अस्पताल में खोदाई का कार्य शुरू हुआ। नतीजा, मरीजों को आवाजाही में परेशानी हुई।
खोदाई के चलते वाहनों का प्रवेश बंद, हंगामा
खोदाई शुरू होने के चलते ओपीडी से इमरजेंसी जाने वाली सड़क संकरी हो गई थी। लिहाजा, इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज, तीमारदारों के वाहन स्टैंड पर रोके जा रहे थे। वाहन रोकने पर कर्मचारियों से नोकझोंक की स्थिति रही। मां का इलाज कराने पहुंचे सतीश यादव को गेट पर रोकने से जमकर बहस हुई। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने वाहन का प्रवेश कराया।
सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में रहे कई मरीज
ओपीडी में फिजिशियन, चेस्ट फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के कक्ष के बाहर मरीजों की कतार रही। ज्यादातर मरीज वायरल बीमारी सर्दी, जुकाम, बुखार, नजला, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, सांस संंबधी रोगों के इलाज के लिए मरीज पहुंचे थे। दवाएं और सर्द मौसम से बचाव के सुझाए दिए गए। डॉ. एलके सक्सेना ने बताया कि सर्दियों में जरा सी लापरवाही सेहत को नुकसान पहुंचा रही है।