बरेली। तप रहे मौसम में डायरिया का हमला तेज हो गया है। सोमवार को कई अभिभावक अपने बीमार बच्चों को लेकर जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे। जांच के बाद 12 बच्चों की हालत गंभीर पाई गई। उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया। कुल 28 बच्चे भर्ती होने से अब वार्ड फुल हो गया है। दो बेडों पर दो-दो बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
बच्चा वार्ड प्रभारी के मुताबिक सोमवार दोपहर 12 बजे तक वार्ड में भर्ती बच्चों में से 20 डायरिया और आठ वायरल बुखार की चपेट में हैं। इनमें से कुछ बच्चे पहले से बीमार थे पर अभिभावक खुद से ही उनको दवा खिला रहे थे। हालत बिगड़ने पर उनको भर्ती करना पड़ा। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक बदलते मौसम में उल्टी-दस्त, तेज बुखार के मामले बढ़े हैं। डिहाइड्रेशन की वजह से कमजोरी भी हो रही है। दो माह में डायरिया के लक्षण वाले 180 बच्चे भर्ती किए गए। 11 बच्चों को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया जा चुका है।
अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे 22 सौ मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में 1300, तीन सौ बेड अस्पताल में 600 और जिला महिला चिकित्सालय में 300 पर्चे बने। इसके अलावा पुराना पर्चा लेकर भी काफी मरीज परामर्श के लिए पहुंचे थे। फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक ईएनटी, शरीर में दर्द, कमजोरी, सिर चकराने, बीपी, शुगर बढ़ने, तेज बुखार और सर्द-गर्म के मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे।
पैथोलॉजी में जांच के लिए लगी रही कतार
तेज बुखार, पेट संबंधी, रक्त और किडनी संबंधी जांचों के लिए सोमवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में कतार लगी रही। 190 लोगों के रक्त के नमूने लिए भरे गए। वहीं, डायग्नोस्टिक सेंटर में एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए भी मरीजों-तीमारदारों में नोकझोंक होती रही। इंचार्ज डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि मरीजों को जांच रिपोर्ट मंगलवार को उपलब्ध हो जाएगी।
तीन सौ लोगों को लगी एंटी रैबीज वैक्सीन
तीन सौ बेड अस्पताल में एआरवी लगवाने के लिए पहुंच रहे लोगों की कतार कम नहीं हो रही। क्लीनिक इंचार्ज डॉ. वैभव के मुताबिक 95 फीसदी लोग कुत्ते के काटने के बाद एआरवी लगवाने पहुंचे थे। दोपहर दो बजे ओपीडी बंद होने के बाद भी कतार में लगे लोगों को वैक्सीन लगाई गई। तीन सौ लोगों को एआरवी लगी। 170 लोगों को दूसरी, तीसरी डोज लगाई गई।