बरेली। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) की ओर से दवाओं की कीमत में बदलाव का नोटिफिकेशन जारी हो गया है। वहीं, नई दरों पर दवाओं की बिक्री भी मेडिकल स्टोर संचालकों ने शुरू कर दी है। हालांकि, अलग-अलग ब्रांड की दवाओं के दामों में करीब दस से 30 फीसदी तक अंतर है। इसमें डायबिटिक की दवाएं सस्ती और कफ सीरफ के दाम बढ़ गए है।
बरेली रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहित पांडेय के मुताबिक एनपीपीए देश में दवाओं के दाम तय करती है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक करीब नौ सौ से ज्यादा दवाओं के दाम में बदलाव हुआ है। इसमें लंबे समय तक चलने वाली दवाओं के दाम कम हुए हैं, जो मरीजों के लिए राहत भरा है। मगर वायरल बुखार, इंफेक्शन, एंटीबायोटिक, दर्द कम करने इंजेक्शन, बच्चों के सिरप, त्वचा रोगों के लिए प्रयोग किए जाने वाले लोशन, घावों के मलहम, दर्द से निजात दिलाने के लिए लगने वाली क्रीम, स्प्रे आदि महंगे हुए हैं।
कहा कि डायबिटिक, बीपी की दवा के दाम कम हुए हैं। ऑपसरामेट के दाम चार सौ रुपये थे जो अब 105 रुपये हो गए हैं। एस्ट्रामेट 342 का था जो 142 में मिलेगा। बायाेमेडा 50 मिलीग्राम 11 सौ की थी जो अब करीब सात सौ रुपये में बिक्री होगी। अर्नी 100 मिलीग्राम 1080 रुपये की थी जो 418 रुपये में बिकेगी। ऑक्सरा 10 मिग्रा 730 रुपये थे, जो 180 रुपये में आ गई है। अमलोप्रेस-एटी टैबलेट आठ रुपये से दस रुपये हो गई है।
इन दवाओं के दाम में भी हुआ है बदलाव
मेडिकल स्टोर संचालक के मुताबिक पर्मेथ्रिन लोशन 70 रुपये का था जो अब 45 रुपये में है। कफ सिरप के दाम बढ़े हैं। एस्कोरिस एलेस 85 रुपये का था जो 119 रुपये हो गया है। एम्रोलाइट एस 75 का था जो अब 106 रुपये में है। पीडियाट्रिक रेंज भी महंगा हुआ। इसमें टिपोडाॅक्सिन ड्रॉप पहले 68 रुपये की थी अब 88 रुपये में है। क्रीम कॉस्बेट जीएम 33 रुपये से 93 रुपये हो गई है। पेनकिलर टयूब वोलिनी 15 ग्राम 65 रुपये से बढ़कर 78 रुपये हो गई है। इसी तरह फंगल और एंटीबायोटिक दवाओं के दाम भी बढ़े हैं।