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Bareilly News: ठगी की कमाई से गुर्गों-रिश्तेदारों को भी बना दिया धन्ना सेठ

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झोलाछापों के लिए खुलवा दी दुकान, अफसरों ने निकलवाई कुंडली, रैकेट पर शिकंजा कसेगी एसआईटी
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बरेली। खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी और उसके साझीदार विजय शर्मा ने धोखाधड़ी के धंधे से करीबियों, रिश्तेदारों व गुर्गों को भी धन्ना सेठ बना दिया। ऐसे लोगों को उनकी क्षमता के मुताबिक काम सौंपे गए। अब ये सभी एसआईटी के रडार पर हैं। उनकी कुंडली खंगाली जा रही है।
शेर अली जाफरी ने जितने भी संस्थान खोले, प्रबंध समिति में 90 फीसदी परिजनों को जगह दी। दस फीसदी में उसके वैतनिक व भरोसेमंद लोग शामिल रहे। वे बिना किसी पूछताछ के दस्तखत कर देते थे। खुसरो कॉलेज के पूर्व प्राचार्य कामिल हसन जैदी, फर्जी खुसरो अस्पताल के संचालक जफर अली भी शेर अली जाफरी के बेहद भरोसेमंद बताए जा रहे हैं। अब ये भी एसआईटी के रडार पर आ गए हैं।
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जैदी को बचाने के लिए जाफरी ने दो महीने पहले ही उसे पैरामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पद से हटाकर विश्वनाथ शर्मा को जिम्मेदारी सौंप दी थी। इससे पहले वह खुसरो आईटीआई के प्राचार्य थे। हालांकि, यह चाल काम न आई, रिकाॅर्ड चेक कर एसआईटी ने जैदी को आरोपी बना ही लिया। विश्वनाथ शर्मा को इस आधार पर कुछ राहत मिल सकती है। वहीं जफर अली जाफरी भी शेर अली का रिश्तेदार बताया जा रहा है। फर्जी अस्पताल संचालन में उस पर भी कार्रवाई प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक वह खुसरो अस्पताल में आने वाले गंभीर मरीजों का इलाज करता था और मामला बिगड़ने पर उन्हें रेफर कर देता था। जाफरी की खुसरो सेना में भी वह वरिष्ठ पदाधिकारी रहा है। भोजीपुरा क्षेत्र का एक युवक जाफरी का निजी सहायक है। वह खुसरो ट्रस्ट में पीआरओ रहा। वह भी जाफरी का राजदार है। ट्रस्ट का पीआरओ होने के नाते वह कमीशन लेकर कॉलेज में छात्रों का एडमिशन कराता था।
जैदी ने खुद को बताया बेगुनाह
कामिल हसन जैदी ने अधिकारियों को पत्र देकर खुद को बेगुनाह बताया है। कहा कि धोखाधड़ी का मामला खुसरो पैरामेडिकल कॉलेज से संबंधित है, जबकि वह खुसरो कॉलेज के प्राचार्य रहे थे। कामिल मुख्य रूप से सेंथल का निवासी है और काफी समय से किला में डीके इंटर कॉलेज के पास रहता है। कामिल वर्ष 2004 से 2018 तक खुसरो समूह में वाइस प्रेसीडेंट पद पर कार्यरत था। वर्ष 2018 में उसे कॉलेज का प्राचार्य बनाया गया था।
फार्मेसी विभाग का नाम मिटाया
खुसरो कॉलेज परिसर में ही फार्मेसी विभाग बनाया गया था। एसआईटी ने पिछले दिनों जांच की तो भी यह विभाग वहां मौजूद था। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई थी। अब जाफरी के जेल जाने के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश के तहत वहां पुताई करा दी गई है।
विजय ने ब्यूटी पार्लर संचालिका को बना दिया डॉक्टर
जाफरी के साझीदार विजय शर्मा ने अपनी एक रिश्तेदार ब्यूटीपार्लर संचालिका को डॉक्टर के तौर पर स्थापित कर दिया। वह सुभाषनगर के शांति बिहार में छोटा सा पार्लर चलाती थी। विजय ने उसके लिए बदायूं हाईवे के गांव चाड़पुर में अस्पताल खुलवा दिया। माहौल भांपकर महिला ने दोबारा ब्यूटी पार्लर खोल लिया है। महिला का पति बेरोजगार बताया जा रहा है जो इस अस्पताल का प्रबंधन देखने लगा था। महिला के देवर को विजय शर्मा ने बीएएमएस की फर्जी डिग्री दिलाकर एक नामी मेडिकल कॉलेज में नौकरी पर लगवा दिया। विजय ने अपने ममेरे भाई को भी डॉक्टर की डिग्री थमाई और इचौरिया में उसके लिए एक प्राइवेट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खुलवा दिया। विजय समेत इन लोगों पर सुभाषनगर थाने में पहले भी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। अमर उजाला ब्यूरो
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वर्जन
आरोपी डॉ. विजय शर्मा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। वह जल्दी न मिला तो उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट के लिए कोर्ट में आवेदन किया जाएगा। प्राचार्य समेत अन्य करीबियों से पुलिस पूछताछ करेगी। जो लोग दोषी मिलेंगे, उनके नाम केस में बढ़ाए जाएंगे। - मानुष पारीक, एसपी दक्षिणी
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