बरेली। त्रयोदशी, पुनर्वसु नक्षत्र और सिद्धि योग के मंगलकारी मुहूर्त में भक्तों ने शिवार्चन कर भोलेनाथ के प्रति अपना भक्तिभाव प्रकट किया। भगवान शिव की कृपा की कामना करते हुए जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
अधिमास के चौथे सोमवार को लेकर रविवार रात से ही शिवालयों पर शिवभक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया था। भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही हर हर महादेव के जयघोष गूंज उठे। कतारबद्ध हो कर श्रद्धालु मंदिरों में बारी-बारी प्रवेश करने लगे। दिनभर पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। इस दौरान मंदिरों के बाहर भी काफी भीड़ रही। वहां लगी दुकानों पर लोग खान-पान और अन्य सामानों की खरीदारी करते रहे। शाम तक भक्तों का आना-जाना लगा रहा।
सोमवार का दिन रहा विशेष
अधिमास होने के कारण इस बार का सोमवार काफी महत्वपूर्ण रहा। मंगलकारी नक्षत्रों के कारण भक्तों पर भोले की अपार कृपा मानी जा रही है। ज्योतिष के अनुसार त्रयोदशी तिथि भगवान भोले को ही समर्पित मानी जाती है। जबकि पुनर्वसु नक्षत्र में किया गया कोई भी कार्य यश और उन्नति का दायक माना गया है और सिद्धि योग मनोकामना को पूर्ण करने वाला है।