रामगंगा पर दोहरा पुल होने के बाद भी लगा जाम, लाल फाटक पर दिन जाम से जूझे लोग
बरेली। चौबारी में इस बार प्रशासन ने रामगंगा तट पर कोरोना संक्रमण की वजह से कार्तिक पूर्णिमा मेला नहीं लगने दिया, लेकिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को स्नान करने से नहीं रोक सका। रामगंगा पर दो पुल होने के बाद भी सुबह के वक्त जाम लग गया। दिन भर दोनों पुलों पर पैदल जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे दिखाई दिए। लाल फाटक पर दिन में कई बार जाम की स्थिति बनी। इससे बदायूं, कासगंज, आगरा, मथुरा, एटा, अलीगढ़ की ओर जाने वाले यात्री खासे परेशान रहे।
लाल फाटक पर लगा रहा जाम
पिछले वर्षों के मुकाबले कोरोना की वजह से इस बार गंगास्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 फीसदी भी नहीं थी, लेकिन निर्माणाधीन लाल फाटक ओवरब्रिज पर सोमवार को श्रद्धालुओं के वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम की नौबत आ गई। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। दिन भर यहां यातायात और कैंट थाना पुलिस तैनात रही, लेकिन रुक-रुक कर जाम लगता रहा।
श्रद्धालुओं के जत्थे निकले तो रामगंगा के दोनों पुलों पर फंस गए वाहन
रामगंगा पर इस साल दूसरा पुल बनने से काफी राहत रही। हर साल जैसी श्रद्धालुओं की भीड़ भी नहीं थी। इसके बावजूद पूर्वाह्न 11 बजे के करीब दोनों पुलों पर जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि आधे घंटे ही यह हाल रहा। यातायात पुलिस ने सुभाषनगर पुलिस के साथ मिलकर जाम खुलवा दिया। फिर पूरे दिन वाहनों की वजह से कोई दिक्कत नहीं आई। श्रद्धालुओं के जत्थे दोपहर बाद तक पुलों पर दिखाई दिए।
पुल से पहले मेले जैसा माहौल
चौबारी घाट पर पुलिस ने मेला नहीं लगने दिया पर पुल से शहर की ओर सड़क किनारे दुकानें सजा ली गईं थीं। यहां मिठाई, चाट, पकौड़ी से लेकर तमाम खानेपीने की चीजें मिल रही थीं तो महिलाओं के शृंगार का सामान भी सजा था। बच्चों के खेल खिलौने भी मिल रहे थे। कई बार पुलिस ने डंडा फटकारकर बच्चों को हाईवे से हटाया।
घाट पर गोताखोर, चौकी पर रही पुलिस
रामगंगा मेला न लगने के बाद भी काफी संख्या में लोग स्नान को पहुंचे तो अधिकारियों ने हर प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती कर दी। रामगंगा तक यातायात पुलिस तैनात थी। थानों की पुलिस भी सहयोग कर रही थी। रामगंगा चौकी पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहे तो नीचे घाट पर गोताखोर और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।