हवादार कमरे में मच्छरदानी लगाकर सोएं
डेंगू के मरीज अगर घर पर रहना चाहते हैं तो उन्हें हवादार जाली लगे खिड़की-दरवाजों वाले कमरे में ही रखा जाना चाहिए। मच्छरदानी भी लगानी चाहिए। कम से कम बाहर निकलना चाहिए ताकि परिवार में और लोग डेंगू संक्रमित न हों। घर के पास छायादार स्थल पर नमी न होने दें। मनी प्लांट और अन्य पौधों के गमले कमरों से बाहर रखें ताकि लार्वा पनपने की आशंका न रहे।
डेंगू से बचाव की नहीं है कोई वैक्सीन
जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह के मुताबिक, डेंगू से बचाव की कोई वैक्सीन नहीं है। एडीज मच्छर डेंगू रोग का वाहक है जो दिन में काटता है। डेंगू मरीज को काटने के बाद अगर मच्छर स्वस्थ मनुष्य को काटता है तो उसे संक्रमित कर देता है। तेज बुखार के साथ बदन, सिर, जोड़ों और आंखों के गोलों में दर्द के साथ शरीर पर लाल दाने व चकत्ते, नाक-मुंह और मसूढ़ों से खून रिसना, प्लेटलेट काउंट एक लाख से कम होना डेंगू के लक्षण हैं।