बरेली। सेना के हवलदार कमल जोशी की हत्या को लेकर वजह फिलहाल साफ नहीं है पर इसके पीछे कोई गहरा राज जरूर है। सीसीटीवी फुटेज और तीनों संतरी से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस कैंट थाने में आरोपी से पूछताछ कर रही है। शनिवार तक स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
घटना के बाद एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड ने साक्ष्य जुटाए। पता लगा कि कमल व राजेश दोनों एक ही यूनिट के सैन्यकर्मी होने के नाते साथ काम कर चुके थे। देहरादून में भी वह साथ रहे थे। कमल अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले रहे थेए जिसमें मामूली औपचारिकता बची थीं। इसीलिए वह यहां आए थे। शायद पुराने संबंधों के चलते वह राजेश के साथ टहल रहे थे, इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई।
लाइव फुटेज ने खोली पोल, खाली राइफल में डाली थी कार्बाइन
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हवलदार राजेश यहां गारद कमांडर के तौर पर काम कर रहा था। उसके अधीन तीन संतरी गेट पर ड्यूटी कर रहे थे। पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दी गई। इससे स्पष्ट हुआ कि गारद रूम के पीछे से राजेश व कमल बात करते हुए आए। राजेश ने एक संतरी से उसकी राइफल मांगी। उसे चेक किया तो राइफल में कार्बाइन नहीं थी। फिर राजेश राइफल लेकर संतरी रूम में गया। वहां शायद उसने कार्बाइन लोड की और बाहर निकला। संतरी ने उससे राइफल मांगी पर उसने डपट दिया। कुछ बातचीत के साथ राजेश ने कमल की गर्दन के नीचे नाल रखकर फायर कर दिया। गोली कमल का सिर उड़ाते हुए निकल गई। घटना से संतरी अवाक रह गए। उन्होंने राजेश को पकड़ा और अफसरों को सूचना दी।