बरेली। सावन का शुभारंभ सोमवार से होगा। इसको लेकर सातों नाथ मंदिर सजकर तैयार हो चुके हैं। रविवार रात से ही कांवड़ियों के जत्थे गंगाजल लेकर पहुंचने लगे हैं। कई मंदिरों पर देर रात से ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। मध्य रात्रि में सबसे पहले मढ़ीनाथ मंदिर का द्वार खुला और श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव उद्घोष के साथ भगवान शिव का दर्शन, पूजन व जलाभिषेक किया।
बाबा वनखंडीनाथ मंदिर में रात दो बजे, बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में ढाई बजे, बाबा अलखनाथ मंदिर, श्री तपेश्वरनाथ मंदिर, बाबा धोपेश्वरनाथ मंदिर और पशुपतिनाथ मंदिर में तीन-साढ़े तीन बजे तड़के कपाट खोले जाने थे। वहां कतारबद्ध शिवभक्त प्रतीक्षा करते रहे।
अलखनाथ मंदिर में ठहरने व खाने की व्यवस्था
किला क्षेत्र स्थित बाबा अलखनाथ मंदिर में शिव भक्तों के लिए रात में ठहरने और भंडारे की व्यवस्था की गई। साथ ही स्नान और शौचालय आदि का भी बंदोबस्त किया गया है। बताया गया कि यहां शौचालय आदि की और बेहतर व्यवस्था हो सकती थी यदि दो शौचालय बंद न पड़े होते। यहां पर एक हॉल व दो शौचालय वनमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने बनवाए थे, जो कि बंद पड़े हैं।
दिनभर रवाना होते रहे कांवड़ियों के जत्थे
रविवार को दिनभर शहर के अलग-अलग इलाकों से कांवड़ियों के जत्थे जल लेने के लिए कछला गंगा घाट के लिए रवाना होते रहे। शाम होने के बाद रात तक उनके लौटने का सिलसिला जारी रहा। जत्थे में शामिल शिवभक्त भजनों पर झूमते अपना पैदल सफर पूरा करते रहे। संवाद